Ratan kirtaniya 30 Mar 2023 गीत प्यार-महोब्बत महफिल में एक स्त्री की अदायें और नशीलें नज़र का वर्णन किया गया है 61067 0 Hindi :: हिंदी
दिल में प्यार ,आँखों में हैं चाहत
तेरे तबस्सुम से मिलता है
मेरे दिल को राहत
होठ खामोश
आँखों से होती हर बात
तेरी कातिल नज़र
कर दिया कायल
कर दिया ज़िगर को घायल
अब उस से है दिल की बात
जरा थम जाए , आज की रात
दिल में प्यार , आँखों में हैं चाहत
ऐ कैसी नशीलें रात
जवाँ है अपना जज्बात
इसी से मिलता है
मेरे दिल को राहत
दिलनशीं गुमसुम क्यों बैठी हो
ऐसी कौन सी ख़ता हुआँ हम से
जो तुम रुठी हो हम से
चलों ख्बाबों में हो जाए हम - तुम - गुम
इतनी सी है तुम से कहना
अपना बन के ही रहना
रुठना मनाना यहीं तो है चाहत
दिल में प्यार , आँखों में हैं चाहत
मेरे दिल को मिलता है
दिलबर की तबस्सुम से राहत
अगर तेरी दिल की जगह है खाली
दिल से दिल की लगाऊँ मैं बोली
कर दे प्यार भरा इशारा
बता दे तेरी क्या है इरादा
निर्वाह होगा , है मेरा वादा
चलों ना आगे बढ़ाते हैंं बात
दिल में प्यार , आँखों में हैं चाहत
मेरे दिल को दिलाओं राहत
तुम भी करो ना
हम से प्यार की बात
बने हो मेरे करार
तेरी तबस्सुम से मिलता है
मेरे दिल को राहत
कैसे कहूँ तुझे
कटती नहीं अब रात
पल - पल हैं करवट
तुम्हीं बताओं दिलबर
कब ले के आऊँ बरात
बेचैन हूँ कितना
तुम्हींं दिलाओं मुझे राहत
दिल में प्यार , आँखों में हैं चाहत
मेरे दिल को तबस्सुम से
मिलता है मुझे राहत
रतन किर्तनीया