Samar Singh 23 Jun 2023 गीत दुःखद अब यादों के सहारे ही महीनों के नाम गिनना बाकी रह गया। 35624 0 Hindi :: हिंदी
वो धधकती यादें चलती रही, फिर ये कैसी आयी शीत। वो दिन, वो बातें, वो मुलाकात, बन गए सब अतीत।। ये आसमां बदल गया, ये बदल गई हवाएं। जहाँ उठती थी एक गूंज, वो बदल गई दिशाएँ, । भूल गए वो साज, वो प्यार भरा गीत। वो दिन, वो बातें, वो मुलाकात, बन गए सब अतीत।। ना वो खुशबू, ना वो रंग, ना दिल में हलचल ना तरंग। ना मन में उमंग, ना वो तेरा संग। अब मची रहती है एक जंग, हर बार हमारी हार, किसी और की हो जाती है जीत। वो दिन, वो बातें, वो मुलाकात, बन गए सब अतीत।। जनवरी में हमने था दिल हारा, फरवरी था कितना प्यारा। मार्च का हसीन नजारा, अप्रैल में जाने कैसे समय गुजारा। मई में मिला प्यार सारा, जून चढ़ी तो दिखा बादल न्यारा, जुलाई जला दी सपने हमारा। सावन बस गया आँखों में, याद बन कर रह गयी साँसों में, ये बातें ना बीती मेरे यार, लेकिन ये सारे मौसम गए बीत। वो दिन, वो बातें, वो मुलाकात, बन गए सब अतीत।। रचनाकार-- समर सिंह " समीर G "