Pratibha Khadekar 13 Sep 2024 गीत समाजिक Pratibha Khadekar 31590 0 Hindi :: हिंदी
अजुबा है जिंदगी
,,,,,, प्रतिभा खडेकार
एक पल चलना,दो पल गिरना
अजुबा है जिंदगी...
एक पल उठना, दो पल सोना
अजुबा है जिंदगी...
एक पल हसना, दो पल रोना
अजुबा है जिंदगी ...
एक पल चलना, दो पल गिरना
अजुबा है जिंदगी...
कभी आगे कभी पीछे,
कभी सिधी कभी उलटी
चावी घुमाए राम दी...
सभी की नइया पार लगा दो राम दी
आते है जाते हैं सफेरे यहां
करके वादा,मु मोड़ जाए
साल दो साल घोल पिकर जाए
अजुबा है जिंदगी...
कैसा मोका कैसी चाहत
गला घोट देते हैं हायक्लास
कोशिश मे मर जाते हैं मिडलक्लास
उसका कमाल कभी सिधी कभी उलटी
चावी घुमाए राम दी...
अजुबा है जिंदगी...
बजा दे बजा दे दिल के तार
मेरे मन के अरमान, मेरा गाना बजा दे
दिन रात करू कायनात एक
घड़ा खाली एक पल का,इंतजार भर दे राम दी...
अजुबा है जिंदगी...
एक पल चलना, दो पल गिरना
अजुबा है जिंदगी...
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