संदीप कुमार सिंह 29 Sep 2026 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत #Pyar#Mohabbat #Gajhal#Sher#Shayri 4085 0 Hindi :: हिंदी
एक पल ठहर जाते...तो कुछ और बात होती मेरे जज़्बात समझ पाते... तो कुछ और बात होती यू छोड़ करके जाना...तो फितरत न थी तेरी थोड़ा करीब आते...तो कुछ और बात होती हमने तो राहे इश्क़ में... खुद को भुला दिया तुम साथ में चल पाते... तो कुछ और बात होती माना कि वक्त रुकता नहीं... किसी की खातिर इंतजार गर कर पाते...तो कुछ और बात होती तन्हा ही कट रहा है.... जिंदगी का ये सफर तुम साथ निभा पाते... तो कुछ और बात होती ना जाने कितने ख्वाब...पलकों में थे सजे पूरा उन्हें कर पाते...तो कुछ और बात होती हम आज भी खड़े हैं... उसी मोड़ पर सनम तुम मुड़ के देख पाते... तो कुछ और बात होती (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह*Author*
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....