Poonam Mishra 12 May 2023 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत न जाने क्यों दिल को आज रोना आया 13127 0 Hindi :: हिंदी
यूं तो गुजर जाती है हर दिन हर रात ,हर शाम , यूं ही न जाने क्यों ? आज की शाम ,किस बात पर! मुझे रोना आया! दिल में एक हुक !से उठी क्यों है? इस हुक !से न जाने क्यों ? दिल को रोना आया! अब तो न तुम मेरे रहे ना ! हम तुम्हारे हुए हम दोनों की मंजिलें अलग हैं फिर न जाने क्यों ? कभी उन पलों को याद करके दिल को आज रोना आया परीक्षित लेखिका पूनम मिश्रा