Jyoti yadav 29 Oct 2024 ग़ज़ल अन्य देख जल्दी से आजा तू 30341 0 Hindi :: हिंदी
बांध के राखी तेरे हाथों मे तिलक मस्तक पर सजानी है, देख जल्दी से आजा,तू दिवाली हमे साथ मनानी है,।।।।। पुछ रहे है अंधेरे हमसे कब उजला सबेरा होगा, थक चुके है हम रहते रहते, रौशन घर कब तेरा होगा,।।।।। अब उनसे क्या बताऊं, हाल अपनी क्या सुनाऊं, हर बात उन्हे थोड़ी बतानी है देख जल्दी से आजा तू दिवाली हमे साथ मनानी है,।।।।। यूं था नही तू दशहरे पर चलो मान लिया था तेरे कहने पर तू निभा रहा है धर्म कोई, और तेज है तेरे चेहरे पर, बहुत हुआ पुण्य कर्म आस लगाईं है मां अब उन्हे हंसानी है देख जल्दी से आजा तू हमे दिवाली साथ मनानी है,।।।।। विनय यादव ज्योति यादव के कलम से कोटिसा बिक्रमपुर सैदपुर गाजीपुर