सुजीत कुमार झा 19 Dec 2023 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत Googal 96217 0 Hindi :: हिंदी
मन सोचता है तन नोचता है, दिल कहता है संभल जा यारो । अभी बात अधूरी है मुलाकात अधूरी है, अपनो से मिलने वाली सौगात अधूरी है।कलियों के आगे भवरे कि औकात अधूरी है।कहने के तो बहुत मिलेगे हम सफर, ता जिन्दगी साथ ना छोरे हम सफर कि तलाश अधूरी है।घुट घुट कर जो जीयोगे, आँखो से नीर जो पीओ गे।टूटे दिल को जो सियोगे,कब तक ऐसे जियोगे।सूट तो छोर बूट तक धुलवायेगी, चूल्हे चौके कि काम भी करवाएगी।अपने नैहर कि खर्च भी तुम्ही से चवायेगी।अगर तुम्हें मंजूर हो तन मन चुर चुर हो, जा गले लगाले इन कलियों को।दर्द से तड़पते हुये भटगोगे इन गलीयों को।