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गुड़िया

Poonam Mishra 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक एक छोटी सी बच्ची की कहानी 52816 1 1 Hindi :: हिंदी

एक छोटी सी गुड़िया थी मैं 
न जाने कब बड़ी हो 
गई
 हवा ऐसी चली है वक्त की
 कि आप की छांव से मैं दूर हो गई 
गुड़िया से खेलते खेलते
 न जाने कब में बड़ी हो गई
 आज भी मुझे सब कुछ 
वैसा ही लगता है 
मैं ही मैं हूं हर 
जगह
 मां को क्यों ऐसा लगता है

Comments & Reviews

Ombabu
Ombabu Very nice 👌👍

3 years ago

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