Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
चलते-चलते ख़्याल आया- जीवन को बाहर नहीं अंदर खोजना चलते-चलते ख़्याल आया- यह सफ़र रूहानी है अंदर खोजना एक सांस अंदर- एक सांस बाहर आन� read more >>
बिना एक पल तेरेभी,खालीपन सा लगता है मेरे अब वक्त भी बेवक्त सा लगता है read more >>
हम दोनों नदियां के तीरे, मध्य हमारे अविरल धारा। अलग - अलग अपनी दुनिया पर, अनाद्यनंत रहे साथ हमारा।। -दिनेश कुमार कीर read more >>
चलते-चलते- यूं ही ख़्याल आया, ये जीवन ये धरती ये आसमान चलती यह- किसकी शक्ति चले-चले, ये जीवन ये धरती ये आसमान चलती ये मौसम- ये बहारें य read more >>
यूं ही बैठा सोच- रहा था क्या कुछ लिखूं यूं ही ख़्याल- आया तुम्हारा प्रेम लिखूं दिल दरिया में चलती- ए-लहर की दास्तां लिखूं गुनगुनात� read more >>
"मैं डरता हूँ उनसे, जो चुप रहते है, बिना कुछ कहे, बहुत कुछ कह जाते है, सीमा शब्दों की होती है, मौन असीम होता है..." -दिनेश कुमार कीर read more >>
"दिल की हसरत ज़ुबान पर आने लगी, तूने देखा और ज़िंदगी मुस्कुराने लगी, ये इश्क़ की इंतेहा थी या दीवानगी मेरी, हर सूरत मे सूरत तेरी नज़र आ� read more >>
एक दिन मैं एक गली से गुज़रा , एक चौखट पर लिखा था। थोड़ा तकल्लुफ़ कीजिएगा जनाब, अपने कदमों की आहट को थोड़ा ख़ामोश रखिएगा। अन्दर ख़ामोशी तन्हा� read more >>
जिस्म की दुनिया अक्सर वहा मायने नहीं रखना जहां मन जुड़े हो, और जो रिश्ते मजबूरी के नीव पर बंधे जाते हो वहां लाख कोशिशें के बाद भी मन नही� read more >>
जिंदगी की कसमकस मे ऐसे उलझे हैं, सभी की चेहरे पर झूठी अदाकारी के मुस्कान लिए कर रहे हैं। read more >>
सागर से गहरा, अनंत-ए-बसेरा, दिल-ए-राज़ जान ले सत् नाम जान ले।। -मोती read more >>
"मैंने तितली की नब्ज़ पकड़ी है, मैंने फूलों का दर्द देखा है, मैंने अक्सर बहारे शफक़त में, सबज़ पत्तों को ज़र्द देखा है... " -दिनेश कुमार read more >>
Join Us: