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रूठ कर मुझसे बो मनाने आई है, ये उसकी साजिश है रुलाने आई है। पिछले जख्म भरे नहीं अभी तक, नए जख्मों पर नमक लगाने आई है।। Written by Mithun Anuragi read more >>
"तबाही"......✍️ "अब क्या ही लिखों इन झुकी हुई निगाहों के बारे में,यदि उठ गई तो तबाही मुमकिन है" #Mukesh Namdev read more >>
हमें उनके सुरत से नहीं सीरत से ही, चाहत हो गई देखें बिना ही आबाज से उनकी हजारों में उनकी पहचान हो गई। read more >>
तसल्ली है दिल को के तुम्हें हमसे उल्फत न हुई, होती भी कैसे ! तुम्हें तो किसी की जरूरत न हुई । read more >>
होठों की सहमी हुई बातें दिल की आंखों से ही कभी पढ लो ना हर बो बात जो कह नहीं पाते इसारों से ही कभी समझ लो ना। read more >>
दिलकी मेहफिल मे, सदा तेरे जिश्म की खुशबु मेहक्ति रहेगी, सारी उम्र ये तेरे चंद लम्हे याद रहेगी, हो जा तु किसी और का, फिरभी ये दिल तुझे चा� read more >>
वो तजुर्बे से प्यार करता रहा, मे पगलो सी उसके पीछे भगति रही, उम्मीद है मेरे दिलकी झूठी, ये जानकर भी न उसे दिलसे मिटा सकी read more >>
शायद तुम साथ होते ,पास होते तो तुम से लड़ते झगड़ते, गुस्सा करते फिर मनाते, फिर हंसते मुस्कुराते शायद तुम नसीब में ही नहीं थे। चलो अच्� read more >>
उनकी आदत कहीं लग न जाए दूरियां इसलिए बढ़ा रहें हैं सुकुन तो दिल को नहीं है मगर नाकाम सी कोशिश बस कर रहें हैं। read more >>
तुम्हें दिल में बसाने का अरमान रखते हैं, तुम्हारी औरों से अलग इक पहचान रखते हैं। तुम जो इक बार आ जाओ मोहब्बत के शहर में, ख़ुदा कसम तुम्� read more >>
"निगाह" "जिन निगाहों के बारे में लिखना है,उन निगाहों की गहराई पता कर लें,अगर डूबने लगे हम,तो फड़फड़ाने की कोशिश तो कर लें" #Mukesh Namdev read more >>
मैं चौरासी में- भटका खोजन चला, मैं जन्म-जन्म से- भटका खोजन चला, मैं अपना गांव- खोजन चला-ए-गया जब सत्संग में... दर हुजूर-ए- ख़ुदा मियां � read more >>
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