दिल में इस तरह तिरी याद आई
सूने सहरा में गोया बहार आई
कागज़ पे बयां कैसे करूँ ग़म-ए-हिज्र
मिरी कलम में नहीं है इतनी रोशनई
— त्रिशिका श read more >>
यादों से सजाया हैं घर सारा हमने
दीवारो पर लगा दी तस्वीर तेरी " । ।
जिन्दगी तेरे नाम लिखकर "यू" सफर कर लेंगे ।
आँखो में बना रखी है एक read more >>
कब तक युं तेरा इंतज़ार करू में ?. उम्र का आखरी मुकाम है सांसो के टुटने का भरोसा नहीं हॉं अगर वायदा कर ले मुझसे जनम -जनम में फिर मिलने का । त read more >>
मुझेको खबर भी क्या कौन अपना पराया है
मैंने अपनी मां के दम से यह हौसला पाया है
कोई छू भी नही सकता मेरे वूजूद को
जब मेरे सर पर मेरी मां का � read more >>