[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
शायरी
Home
Category
शायरी
जैसी करनी वैसी भरनी
किसी को रुला कर भला कैसे खुश रह पाओगे हकीकत यही है जैसा बोओगे वैसा ही पाओगे
read more >>
अपने दिल में पनहा दी हमने
अपने दिल में पनहा दी हमने, अपनी सांसों में वसा लिया हमने, अपनी आंखों में छिपा लिया हमने।
read more >>
अश्क छुपाए बैठे हैं
एक मुक्तक अपने ही हाथों से अपना, जिगर जलाए बैठे हैं । खुशबू की चाहत में गुल से, धोखा खाए बैठे हैं । देख रहे हो जिन आँखों में,सपनों की त�
read more >>
दिल के घर में तुझ को बिठाकर
दिल के घर में तुझ को बिठाकर, पलकों के दरवाजे में बंद कर लेंगे, आंखों में काजल की तरह समा लेंगे।
read more >>
दिल के घर में तुझ को बिठाकर
दिल के घर में तुझ को बिठाकर, पलकों के दरवाजे में बंद कर लेंगे, आंखों में काजल की तरह समा लेंगे।
read more >>
प्यासा ही पानी की कीमत समझता है
प्यासा ही पानी कीमत समझता है, भूखा ही भोजन कीमत समझता है, जिसे लगती है चोट उसे ही दर्द होता है,जिसका कोई खो जाता है,उसकी तकलीफ वो ही समझत�
read more >>
हमने की थी दोस्ती तुम से
हमने की थी दोस्ती तुमसे, थोड़ा गम हमारा कम हो जाए, ग़म क्या कम होता, हमें अंधेरे कुएं में छोड़ आये।
read more >>
ना समझा दर्द मेरा
किसी ने ना समझा दर्द मेरा, और चोट करके चला गया, समझा था हमको लोहा, हथौड़ा मारकर चला गया।
read more >>
ना समझा दर्द मेरा
किसी ने ना समझा दर्द मेरा, और चोट करके चला गया, समझा था हमको लोहा, हथौड़ा मारकर चला गया।
read more >>
वतन से इश्क
ना जाने लोग क्यूं शराब पीते हैं, वतन से इश्क करने का नशा क्या कम होता है........
read more >>
नई जान
झुकी नज़रों भी, बहुत सी बातें कर जाती है, रूकी सांसों में भी , कभी नई जान भर जाती है।
read more >>
रूबरू ए जिंदगी
चेहरे से कहां पता चलता है कौन कैसा है, सब उसी का नाम लेते हैं जिसके पास पैसा है......
read more >>
« Previous
Next »
Showing
5137
to
5148
of
5272
results
‹
1
2
...
426
427
428
429
430
431
432
...
439
440
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder