[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
शायरी
Home
Category
शायरी
जिस शख्स के सिवा मुझे कोई दूसरी चाह नहीं है
मेरे आंसुओं की उसे परवाह नहीं हैं जिस शख्स के सिवा मुझे कोई दूसरी चाह नहीं है #गोपाल_पंडित
read more >>
हे नीली छतरी वाले- हे शिव गुरु तू जगत का
हे नीली छतरी वाले- हे शिव गुरु तू जगत का, करतार तू ही सबका तारणहार तेरी यह दुनिया- तुझसे छुपी कहां है, तू ही जाने तेरी अद्भुत कहानी मै
read more >>
बेसुध बहे संसार सागर की धारा
बेसुध बहे- संसार- सागर की धारा! बेसुध बह जाता- वह जो संभलना पाता सत्य की धारा- माया भी बहती जाती अमृत की धारा- विष भी बहती जाती जो र�
read more >>
हसरतें दिल की दवी रह गई
हसरतें दिल की दवी रह गई जुवान से न निकला लफ्ज़ कोई सपने तो थे सुनहरे कई जो सपने में ही, कहीं खो गई।
read more >>
बदल गइल बा जमाना
र्मद पकाबे खाना, मेहरारू जोते खेत। भैया हो, बदल गइल बा जमाना।।
read more >>
तू जान थी कभी
तू जान थी कभी अरमान थी कभी मेरी बुझती सासों की तू चीराग थी कभी तुझे चाहा था इश्क़ से ज्यादा पर मैं समझ न पाया तेरा इरादा इस लिए तू इश�
read more >>
तू इश्क़ लगी विस्क लगी
तू इश्क़ लगी विस्क लगी सच कहु तो प्रीत लगी तेरी बातों के मिठास में ना जाने क्यों मित लगी जब से मिला हैं शब्दों से शब्द ना जाने क्यों �
read more >>
लोग कहते हैं शहर में फिर बरसात हो रही है
लोग कहते हैं शहर में फिर से बरसात हो रही है किसीसे ये मत कहना कि यह प्रकृति मेरे साथ रह रही है एक कहानी थी जो अधूरी रह गई थी कभी तनहा ही स
read more >>
घर से दूर शहर में
ढलते ढलते साम की कदर हमसे पूछिए इक रात नही हर रात का सफर हमसे पूछिए मुद्दतो में पहुंचे है एक घर में कहीं अपने घर से दूरी
read more >>
आ गया संस्कार शिष्टाचार का नया चलन है
आ गया संस्कार- शिष्टाचार का नया चलन है!! हर-कोई- दीवाना और दीवानी हैं जगह-जगह- इश्क़ के कंपनी खुले हैं, मोबाइल ने तो लूट लिया सारे ज़म�
read more >>
उनकी सासो कि गर्माहट-दूर से भीं तपन देती हैं
उनकी सासों कि गर्माहाट, दूर से भीं तपन देती हैं पास आकर उनके ,होश बिखरने लगती हैं
read more >>
मैं चाहता था वो मेरा ख्याल रख लेता
मैं चाहता था कि वह मेरा ख्याल रख लेता मेरे लिए जीना शायद कुछ आसान हो जाता मुझे छोड़ने से पहले अगर वो मेरा ख्याल कर लेता #गोपाल_पंडित
read more >>
« Previous
Next »
Showing
2749
to
2760
of
5368
results
‹
1
2
...
227
228
229
230
231
232
233
...
447
448
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder