मुख चमका न्यू चांद चमक रहा र गोरी ले छतरी की ओट बरस रहा र, गोरी ले छतरी की ओट बरस रहा रे -२
तेरी ठोडी ऊपर काला तिल जच रहा र-२
"सामण महीना आ� read more >>
हम हे गरीब घर के बेटे
ना हमारे जैसा दिल का सोकार रह
ख्वाब जो तेरे
सारे पुरे कर दूँ
जग जो मेरा राज रह
>ऐसा कर कोई काम
जो इस जग में तेरा न� read more >>
नशा है तेरे प्यार का
कही मैं खो ना जाऊ
मुझे तुमसे महोब्बत है इतनी
कही मैं पागल हो ना जाऊ..
हद हो गयी है अब
कर कदर मेरे प्यार की
मैं तो दीव read more >>
"जय श्री कृष्ण"
द्वारिका है श्री कृष्ण नगरी।
नगर में कृष्ण की यादें घूमीं।
कृष्ण प्रेम के प्रतीक हैं।
हर तम के बीच मे वह दीप हैं।
read more >>