वतन की धरती सोने की चिड़िया,
ध्वजा में लहराती शोभा देख देश की।
धन्य है वह भारत माँ, जिसकी मृदु सी धरती,
प्यारी है वह जननी, अमित ज्ञान की � read more >>
तोफे, लाया मे, लाया नजराने
ये तो सब है । दिवानी
तुझ से मिलने के बहाने। हो...
इस ज्यादा, और भला
एक दिवाना क्या करे......?
महीने बदलते, है। तार� read more >>
बस आगे देेख तू ,हा आगे देख तू,
बस आगे देख तू!
हा आगे देख तू, ना पीछे देख तू,
करता कोई सवाल तो केहदे आके देख
हा आगे देख तू!
मेरे शब्दो का पिटा read more >>
क्या......?
दुनियाँ को बताना।
कया.......?
दिल लगाना ।
तेरे-मेरा तो जिस्मानी याराना। ३२
ना मुहोबत है अपनी जमी,
हुआ ना आसमान विराना ।
तेरा -मेर read more >>
मेरे दिल के जज्बातों से, यार मेरे तू
यों कोई फैसला ना कर .. !....३२
चीज हूँ मे...क्या ....? .
दुनियां को. मेरे शौक बताते है। ३२
मेरे शौक.......!
विरास read more >>
स्वरचित रचना- अजनबी इस तरह बस गए दिल में तुम...!
संदर्भ-प्यार -महोब्बत
अजनबी इस तरह बस गए दिल में तुम
चाह कर भी न तुमको भुला पा रहे!
हमनशी� read more >>
काफी हे....
3. शब्दो का नाम ही काफी है
3 शब्दो में बात ही काफी है
3. शब्दो का नाम ही काफी है
3 शब्दो में बात ही काफी है
काफी हे....
ऐय......
इ� read more >>
स्वरचित रचना- हम जो डूबे तो सनम,......................।
हम जो डूबे तो सनम, तुमको भी ले डूबेंगें।
इसलिए दूर से ही लीजिए, लहरों का मजा,
खामखां आप समन्दर read more >>