सुबह - सुबह
कैसे भूल बैठा ।।
मन बावरे
तेरा ,नाम सांवरे.........।।
ओहो,मन बावरे.......…।।2
इन हवाओं में
लहरों में ....।।
ओहो मेरे मन की नजरों से
मि� read more >>
मेरी चाहत से तू दूर हुआ है।
जाने तुझे क्यों गुरुर हुआ है ।।
ये मोहब्बत है.... मेरे हुजूर ......
बस एक नशा .......तु.....
इस दिल कि खाली जगह है तु ....
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शीर्षक _______,मेघ
शीतल मंद बहे रे पवन ,
मेघ उड़ उड़ आए मेरे अगन ।
तन मन भीगे आज मेरे, हर्षित हुए मेरे नयन ।
कई दिन देखे राह तुम्हारी ।
अब ब� read more >>
तुझे से कुछ कहने का,
यारा,
मन हो रहा है।।
आज , सावन ये
मधुर -मधुर बारिश में
तन- बदन और मन
ये भींगो रहा है।।
तुम से कुछ.....!
अब जीवन खुशियों � read more >>