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स्वयं का ज्ञान सर्वोपरि यह नाम की नैया- करेगा जीवन उस पार घोर कलयुग में- बहती ज्ञान की गंगा संत नाम का हृदय में- नाम जप ले तू हे भाई, नि� read more >>
हम बेटियां है साहब... हमे बचपन में ही बड़ा कर दिया जाता है.. घर की जिम्मेदारियो का पूरा भार हमारे नाजुक कंधे पर रख दिया जाता है..चाहे वो घर क read more >>
प्रेम हृदय की- उपासना है जिसका संबंध, निज स्वरूप या ईश्वर से है प्रेम की- इस धारा में, जो डूबा सो पार संसार का प्रेम-प्रेम- की प्रतिछा read more >>
भष्ट्राचार का नाम लेते ही सबसे पहले हमारे दिमांक में एक ही नाम आता है। वो है। हमारे देश के नेता जी हाँ भष्ट्राचार का दूसरा नाम ही है। रा read more >>
आज के समय में गरीबी और अमीर कि खाई इतनी बढ़ चुकी है। कि गरीब और गरीब होता जा रहा है। और अमीर और अमीर होता जा रहा है। गरीबी का अर्थ है। कि स� read more >>
आलेख- राहुल गांधी के नाम पाती! लेखक- जितेंन्द शर्मा तिथी-24/03/23 प्रिय राहुल गांधी! आपका वक्तव्य " मैं सावरकर नहीं, गांधी हूं!" सुना। &qu read more >>
चलते-चलते- गुज़र गए कितने ही युग इस जहां को ये- अनवरत संपन्न हो रही है यह प्रकृति- अपने कार्य में मुस्तैद सटीक- बिल्कुल ठिकाने से, � read more >>
कभी चलते नहीं देखा! सांसों की- हवा में मिट्टी, को रोते हंसते देखा चार कंधों- के बोझा को, मिट्टी में मिलते देखा इस- कायनात को, अनवरत च� read more >>
पृथ्वी की अक्षांश वह देशांतर रेखाओं में अंतर क्यों ?अक्षांश के बीच की दूरी हर जगह एक ही समान रहती है ऐसा क्यों? फिर तो देशांतर रेखाओं मे read more >>
आज के समय में गरीबी और अमीर कि खाई इतनी बढ़ चुकी है। कि गरीब और गरीब होता जा रहा है। और अमीर और अमीर होता जा रहा है। गरीबी का अर्थ है। कि स� read more >>
जाग जाती है- करुणा हमारे में, जोड़ते हाथ को हम हाथ जोड़ते हैं रहते इंसान यहां- बस्ता संसार यहां, ये सभ्यता है हमारी और नहीं कहीं ठौर read more >>
यह संसार एक पेड़ है- काम, क्रोध, मोह, लोभ, के फल लगे हैं करुणा मूल है जो आपके- अंदर है बीज के रूप में अर्थात यह संसार आपके, अंदर से प्रस् read more >>
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