शाम हो चुकी है, सूरज भी ढल चुका, हल्की हल्की अंधेरा होने वाली है,
तभी एक महिला, हाथ पांव धोकर,
अच्छी कपड़े पहन कर, हाथ में घी का दीपक, लिए � read more >>
कोई भी प्राणी कि जब उत्पत्ति होती है, तो उसमें चेतना का समावेश होता है, हम अपनी चेतना को, साक्षात रुप से नहीं देख सकते, लेकिन उसे हम अपनी � read more >>
मुझे गर्व है कि_ मैं गांव का निवासी हूं, और मेरे पिताजी किसान हैं, अपने खेतों से, कुछ इस कदर किसान जुड़ा रहता है, जिसका हम तुम, कल्पना भी � read more >>
जब मैं सारा दिन कार्य करके, थक जाता हूं तो, जब कार्यों में मिलने वाली निंदा से, मेरा मनोबल टूट जाता है, सारा दिन दुख और चिंता और थकान, के म� read more >>
मेरी रचना, तुम मुझे माफ कर देना, मैं तुम्हारा बहुत बड़ा अपराधी हूं,, हाय मैं कितना निर्दई हूं, कि मैंने अपनी पत्नी को, अपने घर से निकाल दि read more >>
जो मेरा लक्ष्य है, किसी कार्य का एक सेंटर प्वाइंट आता है, जिसे मुझे अपने मन में, बसाना, ही होगा,, हां मैं अपने कल्पनाओं में, अपने कार्य क� read more >>
प्रसन्न रहना सीखो, मैं जानता हूं हम सारा दिन, प्रसन्न नहीं रह सकते, मेरे मन में, चिंता समा जाती है, जब चिंता समा जाती है तो,, मेरे दिल में � read more >>
संस्कार 16 होते हैं, इनमें प्रश्न उठता है, क्या के सोलह संस्कार, क्या होते हैं? इस विषय के बारे में हम बाद में बात करेंगे,, पहले हम कुछ विषय read more >>