Saurabh Sonkar 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत है दुनिया इश्क़ की मारी, न तू बदनाम कर मुझको, 115346 0 Hindi :: हिंदी
है दुनिया इश्क़ की मारी, न तू बदनाम कर मुझको, मैं सब कुछ छोड़ दूंगा अब, तू बस स्वीकार कर मुझको, तेरी चाहत में ऐ सबनम, मैं सब कुछ भूल बैठा हूँं, तड़प तेरी लगी दिल में, न हम मजबूर थे इतने , मैं तेरे प्यार का मारा हूँ, अपना दर्द लिखता हूँ, तुझे एहसास हो जाए, मुझे गालिब नहीं बनना, हैं कितने चर्चे हो बैठे, तुझे मालूम भी है क्या, मैं सब बर्दाश्त कर लूंगा, मगर हामी तो भर दे तू, अगर इंकार करना हो, मेरी कमियाँ बता देना, प्यार जब कर ही बैठा हूँ, मेरी दुनिया बता देना , दिलों में डर भी लगता है, कि तेरे इश्क़ में बेगम , कहीं बन जाएं न हम भी, आश़िक एकतरफा मुहब्बत के , सही एकतरफा ही लेकिन, मेरा ये प्यार सच्चा है, भले लाखों में तू है एक, मुझे कोशिश तो करने दे, तुझे अपना बना लूंगा, मुझे खुद पर यकीं इतना, खनक पायल की सुनने को, ये दिल बेताब रहता है, तूने मुस्कान से अपने , मुझे पागल बनाया है , ये दुनिया जो भी करले अब, इक घर तेरे दिल में बनाना है, तू बस स्वीकार कर लेना, मैं भी इंतिजार कर लूंगा, मैं बन जाऊँगा तेरा दीपक, तू बस इक लौ दिखा देना, तू मेरी नाव बन जाना, मैं तेरा पतवार बन लूंगा, किनारे साथ ही पहुंचेंगे, ज़रा तुम साथ दे देना, ये दुनिया है दिखावे की, हमें इसमें नही पड़ना, सफ़र कट जायेगा अच्छा, अगर तुम साथ दे दोगी, ______________________ SAURABH SONKAR ✍️✍️ ______________________