वह वीर लड़ा, न तनिक डिगा,
सबको दिया, जो जिसके हिस्से है।
जो लिया वही जान गया,
ये अर्जुन सुत, वासुदेव का शिष्य है।
बाण मूठा का मूठा, झट रथ ट� read more >>
महारथी हो रथारूड़, चक्रव्यूह में चक्कर काट रहा।
एक से बढ़कर एक कायर, कपटी, कोई न किसी से घाट रहा।
हिन -हिन करते अश्व, पहिए घरर -घरर करते थ� read more >>
एक डाल पर पल्लव,
उसी पर जरी पात है।
एक में जोश, दूजे में होश,
दोनों पर समय का हाथ है।
एक देखे उत्तर, दूसरा दक्षिण,
देखे नहीं एक दूजे को।
क� read more >>
दुर्योधन सोचा मन में,
मुझे इसी की तलाश है।
है भुज, बाण में जान,
काट सकता अर्जुन के बाण, यह अर्जुन का काल है।
बोला दुर्योधन, योद्धा के अपम� read more >>
हाय, मैंने यह कब,
क्या कर दिया?
मैं तो मां बनाया था,
सीने में इतना त्याग, किसने भर दिया?
इतना सोचकर खुदा, ग़म खा गया,
पन्नाधाय बनाने की, आग� read more >>