(मुक्तक छंद)
मेहबूब सनम तेरी कसम दीदार हुआ है जब से।
मेरी नींद गई मेरा चैन गया प्यार हुआ तब से।
सीने में छुपा के रखा हूं तुझको तो मैं ओ य� read more >>
(दोहा छंद)
नफा और नुकसान दो,पहलू ही है माप।
दिल से कर के काम को, रहें नफा में आप।।
नफा और नुकसान से, पहले डर मत यार।
धंधा को अब कर शुरू,जी� read more >>