छोटे से एक मकान में मां बेटे रहते थें, मां का नाम मधुरिमा और बेटे का नाम सोहन था । वहीं पास के एक गांव चंदापुर में मां एक सरकारी स्कूल में read more >>
मैं क्या गई आपको छोड़ के
आपने तो मुझे क्या ,मेरी
यादों को भी कहीं दूर दफना दिए
सोची थी ,कुछ देर की बात है
हम संभल जाएंगे
पर क्या पता था क� read more >>
जिंदगी जीते -जीते आज हम कहां खड़े हुए
कोई खुशी नहीं है ,आज हम वहां खड़े हुए
वक्त की रफ्तार में,हम भी तेजी से बढ़ गए
पर वक्त ठहरा नहीं ,पर ह read more >>