"औरत"
"कभी देखा है किसी औरत के जिस्म को,शांत ठहरे हुये पानी के तरह
होता है,मगर जिद पर आ जाये तो,तबाही के लिये उसकी एक निगाह ही काफी होती ह� read more >>
सुनो ना,
"आज मैंने कई सालों बाद अपनी अलमारी खोली तुमसे जुड़ी हुई बहुत-सी यादें आज भी मेरे पास हैं बसरते उन यादों में एक धुँधली -सी परत जम � read more >>