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DINESH KUMAR SARSHIHA

DINESH KUMAR SARSHIHA

DINESH KUMAR SARSHIHA

@ dinesh-kumar-sarsiha
, Chhatisgarh

I am fond of writing Poetry and Articles.I enjoy writing about culture,social and divine subjects.Sahity is all about awareness of society as well as human being.

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My Articles

मकर संक्रांति, भारतीय हिन्दू पंचांग के अनुसार हिन्दू कैलेंडर में मकर राशि के सूर्य के साथ सम्बन्धित है और यह हिन्दू धर्म में महत्वपू� read more >>
*दर्पण जल और र्स्फाटक में प्रकाशित सूर्य का प्रतिबिम्ब सभी ने देखा है। इस सत्य से भी कोई अनभिज्ञ नहीं है कि सूर्य के प्रतिबिम्ब का अस्� read more >>
किसी गाँव मे एक विद्याभूषण नाम का एक पंडित रहता था।वह बहुत ही ज्ञानी-विद्वान था।उसकी ख्याति दूर-दूर तक थी।उसी गांव में उसका एक पड़ोसी र read more >>
विज्ञान से अध्यात्म की ओर.... अध्यात्म और विज्ञान एक ही सिक्के के दो पहलू हैं,इसलिए इसे एक दूसरे का परिपूरक माना जाता है।विज्ञान और अध्� read more >>
स्वामी शंकराचार्य समुद्र किनारे बैठकर अपने शिष्य से वार्तालाप कर रहे थे कि एक शिष्य ने चाटुकारिता भरे शब्दों में कहा, "गुरुवर! आपने इत read more >>
पराधीनता का परिणाम दुःखद ही होता है।चाहे पराधीनता भौगोलिक हो,सांसारिक हो या फिर आध्यात्मिक।जीवात्मा की प्रकृति बंधन की नहीं होती ह� read more >>
एक बार एक सौदागर राजा के महल में दो बड़ी ही खूबसूरत गायों को लेकर आया। दोनों ही गायें दिखने मे बिलकुल एक जैसी थीं। सौदागर राजा से बोला, � read more >>
*पैसा रोटी तो दिला सकता है, पर भूख नहीं।* दुनिया के सर्वाधिक धनाढ्य व्यक्तियों में शुमार जॉन डी. रॉकफेलर का जन्म सन् 1839 में अमेरिका में read more >>
👉 *इस ढोंग से क्या फायदा?* *माथे पर चन्दन पोतने से क्या फायदा? जब कि मन में बुराइयों के ढेर जमा हो रहे हैं। बाहरी बनावट से कुछ काम न सरेगा � read more >>
विचार एक प्रचंड शक्ति है,वह भी असीम, अमर्यादित,अणु-शक्ति से भी प्रबल!विचार जब घनीभूत होकर संकल्प का रूप धारण कर लेता है,तो प्रकृति स्वय� read more >>
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