🌺मिट्टी का शरीर ,
मिट्टी में मिल जाएगा !
घमंड तुम्हें किस बात का है ,
कर्मों का हिसाब तुझ लिया जाएगा !
एक पलड़े में पाप ,
एक पलड़े में पु� read more >>
जमाना कितना बदल गया है दोस्तों !
कल तक हमारे टिफिन बॉक्स में परांठे और आम के अचार हुआ करते थे .....
और यकीन मानिए हम वो भी बहुत खुशी से चटका� read more >>
आज का शीर्षक मैंने " आंखें " रखी है ।
बड़ी प्यारी है ये आंखें ...
दिल का हाल बयां कर देती है ...!
लब हो खामोश ...
फिर भी ये सब जाहिर कर देती है ... read more >>
कितने दूर निकल गए हम ...
रिश्तो को निभाते - निभाते ...!
खुद को खो दिया हमने ....
अपनों को अपनाते - अपनाते ...!
लोग कहते हैं ....
खुल कर बातें किया क read more >>
यूं तो कई बार आए - गए तेरे शहर से ,
पर पैरों में कभी जंजीर सी ना लगी ...!
आज यूं लगा बढ़ते कदम ,
कई बार रुक से गए ...!
शहर वही , गलियां वही ,
घर वह� read more >>
बिसरी इस , बिखरे विश्वास ...!
बिन बोले , ना कोई जड़ ....
ना कोई शाख ...!
बिन किस्मत , ना ज्यादा ना कम होय ....!
बिन बादल , ना बरसात होय ...!
पीहर ना शोभ� read more >>
दिल को दरिया बनाए ...!
आंखें बिछाए बैठी हूं ...!
वो लौटकर हमें ,
आवाज लगाएंगे ....!
ये आस लगाए बैठी हूं ...!
ना तुम आते हो ...!
ना कोई खबर ही तेरी ...!
read more >>
आज मैं तन्हाई में ही खुश हूं....!
जिसे पा ना सकी ...
उसकी जुदाई में भी खुश हूं ...!
हाथों की लकीरों में नहीं था ....!
इस दर्द -ए- एहसास से ही मैं खुश read more >>
वो दिन भी अच्छे थे दोस्तों ....
दिल क्या मन भी सच्चे थे दोस्तों ....!
रुसवाईयों के डर से हम ...
रू-ब-रू मिले ना मिले ....!
यादों का सिलसिले ,
अभी जा read more >>