Poonam Mishra 15 Jun 2023 आलेख समाजिक मां से ही मायका होता है 33770 0 Hindi :: हिंदी
कई साल बीत गया उस घर को छोड़े मैंने अपनी एक नई दुनिया बसा ली फिर भी न जाने क्यों कभी-कभी एकांत में बैठने पर मुझे उस घर का हर एक कोना हर एक पल हर 1 दिन की रह-रहकर याद आती है अब तो मेरा वहां आना जाना भी नहीं होता है अब तो जैसे लगता है मुझे वहां कोई भूले से भी याद नहीं करता होगा फिर भी न जाने क्यों मैं उन पुरानी यादों से बाहर नहीं निकल पाती जब तक यह यादें आकर मुझे परेशान करती है मैं अब अपनी नई जिंदगी में आगे बढ़ना चाहती हूं और इस नई जिंदगी के साथ जीवन का शुरुआत करना चाहती हूं परंतु कुछ यादें हैं जो कि मेरा पीछा किए हुए हैं मैं इन यादों से बाहर निकलना चाहती हूं परंतु जब भी कभी मां का नाम याद आता है या जब भी मैं कभी मां की बात करती हूं मुझे यह पुरानी यादें फिर से घेर लेती है खो जाती हूं उस घर की कहानी में जो कि मेरा मायका है कुछ रिश्ते आज भी जिंदा है मेरे जीवन में