Ranjana sharma 30 Mar 2023 आलेख समाजिक Google 112376 0 Hindi :: हिंदी
मां का स्थान आज भी वही है क्योंकि मां की जगह न कोई ले पाया है और न ही कोई ले पाएगा ।बस हालात और वक़्त बदलते हैं इसलिए उनका भी स्थान बदलता है।
अक्सर लोगों से सुना है शादी करने के बाद लड़का बदल जाता है,पर कहां बदलता है वो तो दो रिश्तों के बीच फंस कर रह जाता है मां की सुनो तो पति खराब और पत्नी की सुनो तो बेटा खराब। इन दो रिश्तों के भंवर में ऐसा फंसता है कि फिर उभरना मुश्किल हो जाता है और लोग कहते हैं कि अब बदल गया लड़का।
शादी के बाद एक लड़की अंजान से परिवार में जाकर रहती है,वहां उसे सुबह- शाम यही सुनने को मिलता है कि जब से आई है मेरा बेटा बस इसका गुलाम बन कर रह गया है,पर कैसे? वो तो लड़की अंजान से रिश्ते को स्वीकार कर परिवार के सारे सदस्य को स्वीकारती है लड़की नहीं बदलती उसे बदलता है वहां का माहौल, हालात और वक़्त।वो इतना बदल जाती कि कुछ साल बाद उसे खुद महसूस होने लगता है कि वो क्या थी और क्या बन गई।वो भी तो कितने रिश्तों में फंस जाती ससुराल में किसी की नहीं सुनो तो बहू नहीं सुनती, तो भाभी नहीं सुनती , तो पत्नी नहीं सुनती। मायके में बात न करो तो वहां से सुनने को मिलता है, हां! हमें तो भूल ही गई अब हमारी कहां याद आएगी।मां - बाप, भाई - बहन सब की सुनो।
फिर कुछ साल बाद बच्चों की सुनो वह तो कितने रिश्तों में उलझ के रह जाती और लोग कहते हैं बदल गई,तो मां का स्थान नहीं बदलता ,मां का व्यवहार उसके सभी रिश्तों को बदलता है मां अगर अपने बेटे - बेटी के साथ बहू को भी उसी नजरिया से देखें,तो बहू भी मां को मां के नजरिया से ही देखेगी।
धन्यवाद