DINESH KUMAR SARSHIHA 30 Mar 2023 आलेख समाजिक #Sports ,#Khel 35658 0 Hindi :: हिंदी
खेलों का जीवन में बहुत महत्व है।आज खेल को हमारे शारीरिक शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है|आज विद्यालयों,महाविद्यालयों,विश्वविद्यालयों जैसे सभी शैक्षणिक निकायों में शारीरिक शिक्षा,हॉट खेल विभाग,अलग से स्थापित किए गए हैं और उनके शिक्षण कार्य हेतु प्रशिक्षित शिक्षकों को रखा जाता है ।व्यक्तित्व के बहुआयामी वास्तविक विकास तथा स्वास्थ्य की दृष्टि से खेलों का जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है ।मानव सभ्यता की प्राचीनतम समय में भी खेलों के जीवन के साथ संबंधों को बताया गया है।विरासत में हमें अनेक तरह के खेल मिले हुए हैं।आधुनिक युग में तो खेल एक स्वतंत्र क्षेत्र के रूप में आज हर देश में मौजूद है और लोग इसे अनेक तरह के उद्देश्यों से खेलते हैं,जैसे अध्यात्मिक, मान प्रतिष्ठा, प्रतिस्पर्धा, रोजगार आदि लेकिन शिक्षा के साथ खेलों के संबंध का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य संरक्षण और व्यक्तित्व विकास ही है।विद्यार्थियों के लिए खेलों में भागीदारी सिर्फ उनके स्वास्थ्य और शारीरिक क्षमताओं के विकास व कुशलता के स्तर को ही मात्र नहीं बढ़ाती है अपितु उनके मानसिक और भावनात्मक रूप को भी उच्च स्तरीय क्षमताओं से सुसज्जित करती है ।खेल से उनके आंतरिक व्यक्तित्व में उत्साह,संभावना ,स्वयं शासन, नियंत्रण,आत्म संतुष्टि,स्वचेतना तथा रचनात्मकता का विकास होता है।क्षमताओं के प्रभाव से विद्यार्थी का शैक्षणिक और सामाजिक व्यवहार बनता है।
I am fond of writing Poetry and Articles.I enjoy writing about culture,social and divine subjects.S...