Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

द्वाराहाट इतिहास की गूंज

नरेंद्र भाकुनी 30 Mar 2023 आलेख समाजिक भारतवर्ष, उतराखंड 38768 0 Hindi :: हिंदी

द्वाराहाट के मँदिर तट पर
द्वार अनोखा बताओ|
एक नाम भी यही कहता है
कुमाऊँ का खुजराहो|
मै भी कहता तुम भी बोलो
ये इतिहास बतलाना|
मँदिर नगरी ये कहती है
द्वाराहाट मेँ आना|

द्वाराहाट मंदिरों की नगरी के नाम से विख्यात है ज जोकि उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित है , इसे मंदिरों की नगरी भी कहते हैं।

कुछ जनश्रुतियां कहती है कि यही पर द्वारिका  यही बननी थी देवताओं के आग्रह पर जब सारी नदियों ने मिलकर एक समूह बनाकर उस नगर का निर्माण करना था जिसमें सारी नदियां समाहित हो तब बीच में द्वारिका ने बनना था।
वहां देवदूत को विलंब हो गया गंगा ने कहा कि मैं वहां चली गई हूं यह सभी ने जो को बता देना वह भी किससे कहा एक सेमल के वृक्ष से लेकिन वह वृक्ष सो गया
तथा इतिहास ही बदल गया।

गंगा से पूछा ,जमुना ने पूछा
समस्त सारी नदियों ने पूछा।
जाएं कहां हम , क्या हम बनाएं?
बताया गंगा ने सबको आकर
ये नाद करती सी जा रही है
 बनाकर अपना महान द्वारिका
वचन ही अपना निभा रही है।

द्वाराहाट को बैराट पत्तम, लक्ष्मणपुर आदि नामों से पुकारते हैं।

कही आस मिले, कहीं भाव भी है
अंजाना एहसास भी है।
यह मंदिरों की नगरी है
जहां कण-कण में इतिहास भी है।

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

छेड़ते हुए लड़के ने लड़की से कहा- तुम कितनी सुन्दर हो तुम्हारी आँखे तो ऐसी हैं जैसे समुन्दर हो तम्हारे होठ लाल ऐसे हैं जैसे चुकन्दर ह� read more >>
हमारे देश में बहुत से महापुरुष हुए, बहुत से नेता हुए जिन्होने देश के लिये अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिये, सिर्फ देश की एकता व अखण्डता क� read more >>
किसी भी व्यक्ति को जिंदगी में खुशहाल रहना है तो अपनी नजरिया , विचार व्यव्हार को बदलना जरुरी है ! जैसे -धर्य , नजरिया ,सहनशीलता ,ईमानदारी read more >>
Join Us: