नरेंद्र भाकुनी 30 Mar 2023 आलेख समाजिक भारतवर्ष, उतराखंड 38768 0 Hindi :: हिंदी
द्वाराहाट के मँदिर तट पर द्वार अनोखा बताओ| एक नाम भी यही कहता है कुमाऊँ का खुजराहो| मै भी कहता तुम भी बोलो ये इतिहास बतलाना| मँदिर नगरी ये कहती है द्वाराहाट मेँ आना| द्वाराहाट मंदिरों की नगरी के नाम से विख्यात है ज जोकि उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित है , इसे मंदिरों की नगरी भी कहते हैं। कुछ जनश्रुतियां कहती है कि यही पर द्वारिका यही बननी थी देवताओं के आग्रह पर जब सारी नदियों ने मिलकर एक समूह बनाकर उस नगर का निर्माण करना था जिसमें सारी नदियां समाहित हो तब बीच में द्वारिका ने बनना था। वहां देवदूत को विलंब हो गया गंगा ने कहा कि मैं वहां चली गई हूं यह सभी ने जो को बता देना वह भी किससे कहा एक सेमल के वृक्ष से लेकिन वह वृक्ष सो गया तथा इतिहास ही बदल गया। गंगा से पूछा ,जमुना ने पूछा समस्त सारी नदियों ने पूछा। जाएं कहां हम , क्या हम बनाएं? बताया गंगा ने सबको आकर ये नाद करती सी जा रही है बनाकर अपना महान द्वारिका वचन ही अपना निभा रही है। द्वाराहाट को बैराट पत्तम, लक्ष्मणपुर आदि नामों से पुकारते हैं। कही आस मिले, कहीं भाव भी है अंजाना एहसास भी है। यह मंदिरों की नगरी है जहां कण-कण में इतिहास भी है।