Suraj pandit

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मैं एक कवि हूं मैं। अपनी कविता अपने अनुभव को व्यक्त करते हुए लिखता हूं।

Kalyanchak

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पता नहीं
पता नहीं

हर शाम मैं मयुशि मे

प्रीत हि जग कहाई
प्रीत हि जग कहाई

कमलो सो लागत रंग प्

नन्ही चंद्रमुखी
नन्ही चंद्रमुखी

होई अंकुरण जगत

याद जरूर आएंगे
याद जरूर आएंगे

किया कहा रहा किया स

🙏 कृपा है तेरी माँ(वसन्त पंचमी)🙏
🙏 कृपा है तेरी माँ(वसन्त पंचमी)🙏

बालक था मैं उस समय ,

याद करोगी ना
याद करोगी ना

एक जिंदगी कि कहानी

एक एहसास
एक एहसास

तू थी तो शाम था । वह

कहां गई उसकी क्रीडा
कहां गई उसकी क्रीडा

वह नन्हा सा जीव फु

कृपा है तेरी माँ(वसन्त पंचमी)
कृपा है तेरी माँ(वसन्त पंचमी)

बालक था मैं उस समय ,

धडकन
धडकन

दिल मे तड़प सी रोज़ उ

लहरे गम कि
लहरे गम कि

कुछ शब्दे मन मे हि र

है इंतजार दुनिया को तेरी
है इंतजार दुनिया को तेरी

क्यों हताश हो जीवन

अमर है उसकी कहानी
अमर है उसकी कहानी

इस मिट्टी की गाथा क

अमर कहानी
अमर कहानी

वह दिन था प्यार का

बलि प्रथा
बलि प्रथा

कभी सोचा है तुमने,

जनरल बिपिन रावत
जनरल बिपिन रावत

यह मिट्टी है इस दे

स्वगॆ सी प्यार
स्वगॆ सी प्यार

न मिला वह कंधा, बैठ

किया मुलाक़ात होगी ना
किया मुलाक़ात होगी ना

मैं जा रहा हूँ याद क

एक सुनहरी किरण
एक सुनहरी किरण

एक अन्ह सोचा रहा, ब

उसकी याद मे
उसकी याद मे

उसे देखे बिना यह दि