संतोष सिंह क्षात्र

संतोष सिंह क्षात्र

माँ हिंदी का एक नन्हा बालक , अपने छोटे से प्रयास से काव्य, लेख आदि में पिछले कुछ वर्षों से जुड़ा हुआ हूं। आपके स्नेह, आशीष का आकांक्षी हूं। आशा करता हूं कि आप हमारी रचनाएं पढ़ेंगे और उसपर निष्पक्ष,उचित तथा वास्तविक टिप्पणी भी लिखेंगे। आपका हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन है। नमस्कार जी 🙏🕉️🔱 __हर-हर-महादेव__

Vadodara Gujarat

View Certificate Send Message
  • Followers:
    1
  • Following:
    1
  • Total Articles:
    5

Recent Articles


दौड़ी दौड़ी
दौड़ी दौड़ी

https://santoshkshatra.wixsite.com/santoshsingh/po

पुकारती मां भारती
पुकारती मां भारती

सुनो देशवासियों का

कब-तक भागोगे तुम
कब-तक भागोगे तुम

कब-तक चलेगा ऐसा, पस

सावन की घटा
सावन की घटा

सावन की घटा हूं मैं

रंग अंजुली में भरे दिवाकर
रंग अंजुली में भरे दिवाकर

केसरिया रंगने को द

दबे पांव आये ऋतुपति
दबे पांव आये ऋतुपति

ठिठुरी पंखुड़ियां