नवीनतम समाजिक रचनाएँ

जव्लत्
Raj Ashok singh
मुहोबत चाहिए,अ जिन्दगी मुझे , जीना है। वादो को तोड़ कर तन्हाई मे कमबक्त बह रही है। साँसे साँसो को छोड़ कर वाह, क्या
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Date:
01-02-2023
Time:
23:17
इस दुनिया मे वही महान
Kalindri pal
इस दुनिया मे वही महान, करे जो माँ बापू का मान! बडो का वो भी कहना माने, छोटो को भी दे सम्मान ! सांच कहे या झूठ कहे, उसका ज
3
Date:
01-02-2023
Time:
23:18
उड़ रही है हवा में तेरी यह मदमाती खुशबू....
मोती लाल साहु
उड़ रही है- हवा में तेरी यह मदमाती खुशबू, ले जाती उड़ाके यह दिल मेरा।। सूरज की सतरंगी किरण- में नहाई तुम्हारा यह मु
7
Date:
01-02-2023
Time:
22:35
दिव्य प्रकाश से भरा यह जीवन....
मोती लाल साहु
दिव्य प्रकाश से भरा यह जीवन! दिले साज जो अब बज उठे हैं, अपने ही तबीयत से यारों। सुर-तान की जुगत तो देखो, जल गई है अंदर
3
Date:
02-02-2023
Time:
00:58
मै श्वैत धवल शीतल जल हूं।
Jitendra Sharma
कविता- मैं श्वेत धवल शीतल जल हूं! रचना- जितेन्द्र शर्मा तिथी- 31/01/2023 मैं जल हूं! मैं श्वेत धवल हूं शीतल हूं। मैं जल हू
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Date:
01-02-2023
Time:
22:30
बिना सोंचे समझे
Rambriksh Bahadurpuri ,Ambedkar Nagar
कविता -बिना सोंचे समझे कहां जा रहे हो किधर को चलें हो बिन सोंचे समझे बढ़े जा रहे हो। कहीं लक्ष्य से ना भटक तो गये
2
Date:
01-02-2023
Time:
12:12
एक तरफ सपना रख एक तरफ दुनिया दारी रख
धर्मपाल सावनेर
प्रयासों का सिलसिला अभी भी जारी रख मिलेगी मंजिल अपनी पक्की तयारी रख ।। मरने के बाद भी तुझे याद करेगी ये दुनिया अख
80404
Date:
02-02-2023
Time:
01:49
अपनापन
Manisha
अपने कभी छूट ना जाए ये डर तो हमेशा लगा रहता है पर जो सच है वो कभी-कभी झूठा सा लगता है ये कैसी दुनिया है जो कभी समझ में न
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Date:
31-01-2023
Time:
23:14
संयम और जीवन
Rambriksh Bahadurpuri ,Ambedkar Nagar
कविता -संयम और जीवन जब जीना दुश्वार हो मुस्किल अपरम्पार हो पग पग दिखे नही कोई रस्ता चहु दिश घोर अंधकार हो, फिर संय
2
Date:
30-01-2023
Time:
22:55
हम ज़िंदगी से कहते रहते हैं
Manisha
We keep saying to life that life should tell us something, but we Can't even understand what life says Understanding yourself is life Laughing should never be forgotten Being happy is life
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Date:
02-02-2023
Time:
00:54
गरीबी का दानव
अनिल कुमार केसरी
गरीबी का दानव, सुना है... गरीबी का दानव, बड़ा बेरहम, खूनी, खतरनाक कातिल है; बेहद बेरहमी से, टुकड़ा-टुकड़ा, धीरे-धीरे,
22
Date:
01-02-2023
Time:
22:08
निरंतर अग्रसर व्यक्ति कौन ?
मोती लाल साहु
वह व्यक्ति जिसने- अपने मन-बुद्धि, और अहंकार पर। विजय प्राप्त- कर लिया हो, उसकी आंतरिक। चेतना अपनी- प्रबलता की सीम
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Date:
01-02-2023
Time:
21:28