नवीनतम समाजिक रचनाएँ

समाज
Rasika Verma
ये समाज एक तेज तलवार है इसमें जीत भी हार है। इंसानियत तो अब कही है ही नहीं हर तरफ बस लोगों में तकरार है ये लोग जो है
37661
Date:
24-05-2022
Time:
23:10
जीवन- संध्या
Santosh kumar koli
सही- गलत, गर्हित , सहल हो लिए साथ। मूसलधार हो रही, छल-छंद की बरसात। कठिनाइयां कह रही, तू डाल मैं पात। अवसर तुझसे कह रहे
1526
Date:
25-05-2022
Time:
01:03
उन अँधेरों का उड़ना
Ajeet
उन अँधेरों का उड़ना सक्त मना हे जो दीवों मे जलकर भुना हे / उन गलियों में अँधेरों का गुजरना सक्त मना हे जो अन्ध बनक
35790
Date:
25-05-2022
Time:
01:03
## अपने रिश्ते ##
akhilesh Shrivastava
* अपने रिश्ते * जिन रिश्तों में हो अपनापन वो रिश्ते अपने होते हैं । जो रिश्ते दिल से होते हैं वो रिश्ते सच्चे होते
35817
Date:
25-05-2022
Time:
01:02
चूहदानी
Santosh kumar koli
फंसाने को, हर जगह है दाना -पानी। यह दुनिया, बड़ी चूहेदानी। हर जगह, बिखरा कपट- कण। पल-पल, क्षण- क्षण। सेज हो, चाहे रण। द
35799
Date:
25-05-2022
Time:
00:50
* चिट्ठी *
akhilesh Shrivastava
* चिठ्ठी * दूर बसे अपने लोगों की खैर खबर लाती थी चिठ्ठी । पोस्टमेन घर घर में जाकर पहुंचाते थे सबकी चिठ्ठी ।। अपने ल
34953
Date:
25-05-2022
Time:
01:14
बेकफ़न लाशें
Santosh kumar koli
किसी को नाम, किसी को लाभ, कोई मरा गुमनाम। किसी पर पूरा देश रोया, किसी पर मचा गिद्ध क़ोहराम। बंटे बताशे, फला-फूला, मिटा
34927
Date:
24-05-2022
Time:
21:13
* पिता *
akhilesh Shrivastava
* पिता * सुखी उसी का जीवन है जो प्यार पिता का पाते हैं । अपने अनुभव और धैर्य से परिवार का रथ ये चलाते हैं ।। अपने जीव
34180
Date:
25-05-2022
Time:
01:01
हालात
SANTOSH KUMAR BARGORIA
बेहतर भले ही ना हो, हालात अपने लेकिन । हर परिस्थितियों से उबरने का, हुनर है हमने सीखा ।। कहे दो वक्त से, अब ना जाया
34339
Date:
25-05-2022
Time:
00:01
स्वाभिमान
Santosh kumar koli
हम न किसी से कम। बस, लगाओ दम। हिम्मत की क़ीमत, क़ीमत ज़िद्दी विचार में। अंदर से जगानी पड़ती, नहीं मिलती हाट बाज़ार म
34197
Date:
25-05-2022
Time:
01:15
सवाल मर नही जायेगा
मारूफ आलम
मस्जिदों को ढहाने से सवाल नही मर जायेगा मंदिरों को बनाने से सवाल नही मर जायेगा सवाल फिर भी जिंदा रहेगा रहती दुनिया
33400
Date:
25-05-2022
Time:
00:13
* कर्म हमें करना होगा *
akhilesh Shrivastava
* कर्म हमें करना होगा * भाग्य हमारे साथ है फिर भी कर्म हमें करना होगा । कामयाब होना है हमको तो मेहनत करना होगा ।। च
33400
Date:
24-05-2022
Time:
22:58