नवीनतम दुःखद रचनाएँ

पीने दे
Vipin Bansal
मत रोक मुझे तू पीने दे कुछ दिन और जीने दे. मत रोक मुझे तू पीने दे. इतनी पिला दे मु
36930
Date:
25-05-2022
Time:
00:21
तुलसी
Ajeet
रिश्तों के धागे में मैं बंधा, बहती हुई नदियों की तरह मन बह रहा तुलसी तुम से मिले बिना चाचा का अब रिश्ता टूटा सा ल
35077
Date:
24-05-2022
Time:
22:56
नशा
Ajeet
रिश्ते टूट जाते हे नशा कर जाने से जमीरें बिक जाते हे नशा कर जाने से, अपने बिछड़ जाते हे औरों के मिल जाने से नशा मत क
34931
Date:
24-05-2022
Time:
23:11
जो जी रहें हे नशे की दुनिया मे
Ajeet
जो जी रहें हे नशे की दुनिया मे वो उजड़ रहे हे अपनों की दुनिया मे/ नशा मत करना दोस्तों रिश्ते बिखर जाते हे खुद की दु
34927
Date:
24-05-2022
Time:
23:43
नशा करने के बाद
Ajeet
जिन्दगी खराब हो जाती हे नशा करने के बाद, अपने रूठ जाते हे जिन्दगी के साथ, नशा मत करना प्यारे उम्मीदें टूट जाती हे
34942
Date:
25-05-2022
Time:
00:42
करते रहे हम शिकवा
SANTOSH KUMAR BARGORIA
करते रहे हम शिकवा, खुद से ही अपनी लेकिन । अफसोस जवाने से दर्द, हम और छिपा ना पाए ।। अब तक छिपा रखा था, जिस दर्द को सी
34349
Date:
25-05-2022
Time:
00:43
महफिल में कमी ना थी
SANTOSH KUMAR BARGORIA
महफिल में कमी ना थी, दोस्तों की लेकिन । चंद दुश्मनों से जाकर, कुछ दोस्त मिल चुके थे ।। वे जो नजरे मिलाने से भी, कभी
32870
Date:
24-05-2022
Time:
23:43
परिस्थितियाँ अभी अनुकूल नहीं
SANTOSH KUMAR BARGORIA
परिस्थितियॉ अभी अनुकूल नहीं, खामोश लबों को रहने दो । वो जो उड़ रहे सिध आसमॉ के, अभी उन्हें खुले आसमान में उड़ने दो
203
Date:
24-05-2022
Time:
23:43
अन्त हुआ एक युग का
SANTOSH KUMAR BARGORIA
अन्त हुआ एक युग का ---------------------------- अन्त हुआ एक युग का, जैसे ही अनात्म हुई सुश्री लता। रहे गयी बस यादों में हम सबके । ग
30659
Date:
25-05-2022
Time:
00:46
दोस्त और दुश्मन
SANTOSH KUMAR BARGORIA
दोस्त और दुश्मन ------------------------ महफिल में मिले सौ दोस्त तो मगर, दुश्मन ना कोई एक ओ यारा तुम सा मिला । वो जो विरुद्
30657
Date:
24-05-2022
Time:
20:50
उनके प्रतीक्षा में
Rambriksh, Ambedkar Nagar
कविता-उनके प्रतीक्षा में बना बना कर घर सलोना रेतों पर था उसे सजाया फूल खिलेंगे प्रेम रंग के सपनों का संसार बसाय
28617
Date:
24-05-2022
Time:
23:03
रिश्तेदार
Krishan kumar
आधे से ज्यादा रिश्तेदार धोखेबाज होते है, चहरे पर उनके नकाब होते है, मुसीबत मैं ही रिश्तेदारों के पहचान होते है
28871
Date:
24-05-2022
Time:
23:37