नवीनतम राजनितिक रचनाएँ

यह देश सुधरने वाला है...!
MAHESH
स्वरचित रचना- यह देश सुधरने वाला है? संदर्भ--- राजनीतिक व्यय यह देश सुधरने वाला है?-2 जहां नीचे से लै ऊपर तक, सब घूस पै
84
Date:
01-02-2023
Time:
23:00
हो रहा यह कैसा ‌विकास......?
MAHESH
स्वरचित रचना--- हो रहा यह कैसा ‌विकास..................। संदर्भ---राजनीतिक व्यंग हो रहा यह कैसा ‌विकास ? न कोई ध्यान दे रहा है
70
Date:
28-01-2023
Time:
11:06
ए हिन्दुस्तान है जहां न्याय टिका सबूतों पर....!
MAHESH
स्वरचित रचना- ए हिन्दुस्तान है,.............। संदर्भ---राजनीतिक व्यंग ए हिन्दुस्तान है, जहां न्याय टिका सबूतों पर, सबूत ल
79965
Date:
02-02-2023
Time:
00:17
अटल बिहारी को प्रणाम!
Jitendra Sharma
उबड़ खाबड़ पथरीली राहों पर, जो खूब चले और अटल रहे! उन अटल बिहारी को प्रणाम! उन अटल बिहारी को प्रणाम! राष्ट्रभक्ति और
931
Date:
01-02-2023
Time:
22:52
खलील की उल्झन
Abhay singh
Jaisa ki hota aaya hai is bar bhi Vikram Raat ki khamoshi mein apni motorcycle chalaye ja raha tha aur betal uski peeth per baitha tha hamesha ki tarah is bar bhi yah sochkar ki kahin Vikram ko nind na a jaaye betal ne kahani sunana shuru kar diya kahani kuchh is prakar thi beroj Shahar mein Khalil
2515
Date:
01-02-2023
Time:
13:34
(गटबन्धन)
Mohammed fejaan
दिनाका - (05)/12/2022) (गटबन्धन) शाईरी सोमवार | शायार-लेख, मोहम्मद फैजान सिद्धिकी: पिता रईस अहमद सिद्धिकी. जब दो दिल- आपास
1123
Date:
01-02-2023
Time:
22:06
शायरी (मोहम्मद को गुलामी अच्छी हैं ?)
Mohammed fejaan
" दिनांक (01/12/2022)" शायरी (मोहम्मद को गुलामी अच्छी हैं ?)" शायार लेख, मोहम्मद फैजान सिद्दिकी) पिता (रईस अहमद सिद्दिक
1216
Date:
01-02-2023
Time:
11:12
ग़ज़ब
Vipin Bansal
कविता - ( ग़ज़ब ) नेता जी की देखो ! क्या ग़ज़ब की बात !! जीतने से पहले सेवक ! जीतते ही सरताज !! नेता जी की देखो ! क्या ग़ज़
950
Date:
01-02-2023
Time:
23:14
गरीब
Mohammed fejaan
दिनाक-(29-11-2022)'' शायार लेख-(मोहम्मद फैजान सिद्दिकी पिता- रईस अहमद सिद्दीकी। )
908
Date:
01-02-2023
Time:
11:22
आइए महसूस करिए
Saurabh Sonkar
आइए महसूस करिए, जिंदगी के ताप को, शाप को अभिशाप को, समाज के प्रतिकार को, जी रहें हैं द्वंद्व को, प्रतिद्वंद के एहसा
79864
Date:
01-02-2023
Time:
21:34
सरकारी योजना
Vipin Bansal
कविता - ( सरकारी योजना ) मुद्दतों बाद बनी ! बनते ही खोदना ! बाद का काम पहले ! पहले का बाद पर छोड़ना ! फिर नए सिरे से ! उन सड़
924
Date:
01-02-2023
Time:
20:24
शाईरी राजनितिक पार ले मैंट मैं तीन चूजे है?
Mohammed fejaan
दिनांक-26-11-2022 रविवार शायरी नम्बर- 27. शायर लेख - मोहम्मद फैज़ान सिद्दिकी पता- रईस अहमद सिद्दिकी . शाईरी - राजनितिक पारलेम
1226
Date:
01-02-2023
Time:
13:53