Saroj kaswan - सरोज कसवां

Saroj kaswan     सरोज कसवां     कहानियाँ     प्यार-महोब्बत     2021-09-22 11:03:04         107957        
Saroj kaswan

""हाय में सलोनी !! आप अकेले ही जिम करने आते हो 
💐सलोनी ने अपना परिचय देते हुए कहा 
    
""हाय में जगत !! किसी के साथ आने पर एक्सरसाईज कम ओर बाते ज्यादा होती है 
               ""जगत ने कहा 

सलोनी !! 
हा पर ब्रेक के समय में किसी से बात करना अच्छा लगता है  
####ओर ऐसे दोनों की प्रेम कहानी शुरू होती है 
       

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Saroj kaswan     सरोज कसवां     कहानियाँ     प्यार-महोब्बत     2021-09-22 11:03:04         107957        
Saroj kaswan

""हाय में सलोनी !! आप अकेले ही जिम करने आते हो 
💐सलोनी ने अपना परिचय देते हुए कहा 
    
""हाय में जगत !! किसी के साथ आने पर एक्सरसाईज कम ओर बाते ज्यादा होती है 
               ""जगत ने कहा 

सलोनी !! 
हा पर ब्रेक के समय में किसी से बात करना अच्छा लगता है  
####ओर ऐसे दोनों की प्रेम कहानी शुरू होती है 
       

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सरोज कसवाॅ - सरोज कसवां | कहानियाँ | Sahity Live

सरोज कसवाॅ - सरोज कसवां

सरोज कसवाॅ     सरोज कसवां     कहानियाँ     अन्य     2021-09-22 11:03:04         107957        
सरोज कसवाॅ

गौरी गाय

एक शहर में एक जाने माने शिक्षक अपने परिवार के साथ रहते थे उनके परिवार में उनकी पत्नी का नाम जीकुमारी  था एक कुशल गृहिणी थी जो कई सालों से चार, पाँच साल के बच्चों को योगा सिखाती थी उनकी एक बेटी थी बेटी का नाम मंजू था जो संगीत और कंप्यूटर की पढ़ाई कर रही थी और उनके घर में रोज सुबह एक काका आकर घर का काम करते थे उनका राजेश  नाम था सब उन्हें राजेश  काका कहकर पुकारते थे।

एक दिन जीकुमारी  ने राजेश काका को बुलाकर पूछा कि "काका आपके पहचान में कोई साफ सुथरी लड़की है क्या जो घर में शाकाहारी खाना बनाती हो" राजेश काका बोले "जी मैडम साहब एक विनीता नाम की लड़की है पर वो मिर्चीदार खाना बनाती है उसके ससुर मेरे गांव के ही है"जीकुमारी ने पूछा "काका विनीता की उम्र क्या होगी"

" यहीं कोई 21, 22 साल होगी मैडम साहब विनीता का छ: साल का एक बेटा है जो कक्षा चार में पढ़ता है ।"

इस पर जीकु ने पूछा "पर काका विनीता का पति क्या करता है ?" 

काका बोले "मैडम साहब विनीता के पति का नाम राजु हैं वो सब्जी फलों का ठेला लगता है और अपनी गाय का दूध बेचता हैं"

जीकु ने कहा काका "विनीत को बोल देना कि वह कल से यहां खाना बनाने आने लगे" 

राजेश  काका ने कहा "जी मैडम साहब" 

अगले दिन से विनीता जीकु के घर में खाना पकाने आने लगी पहले दिन वो अपने साथ कलाकन्द मिठाई का एक डिब्बा लाई ।  ने  से पूछा 

"ये मिठाई तुमने बनाई हैं क्या" उसने कहा "हाँ जीजी मेरे पास एक बहुत सुंदर सी गौरी नाम की गाय है मैंने उसीके दूध से ये मिठाई बनाई हैं और बाकी बचे 1 लीटर दूध को सुमित बेच देते हैं दरसल आज ही नई मिठाई की दूकान से हमें 50 डिब्बे कलाकन्द मिठाई का ऑर्डर मिला है अब दूकान के ग्राहकों मिठाई पसंद आ गई तो एक और ऑर्डर पक्का हो जाएगा । अभी एक ही दूकान से ऑर्डर मिलता है ।"

शुरू में वह बहुत मिर्चीदार खाना बनाती थी पर कुछ समय में जीकु के अनुसार कम मिर्ची का खाना बनाने लगी । कुछ ही दिनों में विनीता शीतल के घर की सदस्य बन गई । कभी- कभी विनीता का बेटा मंजू के साथ खेलने आता था अब रोज सुबह खाना बनाने आती और जब तक खाना बनाती तब तक जिकु को पिछले दिन की पूरी दिनचर्या और अपने दिल की सारी बातें बताती। 

एक दिन उसने नमस्ते जीजी के अलावा कुछ भी नहीं कहा और अपना पूरा काम करके चली गई । 

अगले दिन भी यही होता पर जीकुमारी  के पूछने पर विनीता ने बताया

"जीजी कल सुबह मेरी गौरी गाय मर गई और जीजी गांव का एक नियम है कि वहां की किसी बेटी की शादी के बाद विदाई के समय अपने साथ एक गाय ले जाती है और बहू आती है तो अपने साथ एक गाय ले आती है मुझे उसकी बहुत याद आ रही है।"

जिकु ने कहा "अरे ये तो बहुत गलत हुआ"

"हाँ जीजी विनीता अब तुम्हारे दूध और मिठाई के काम का क्या होगा "

"जीजी एक साल पहले मेरी गौरी गाय ने दो बछड़े दिये थे जो अब दो गायें बन गई है"

इसपर जाकु ने कहा तो तुम इतनी दुखी क्यों हो रही हो गौरी गाय ने जाने से पहले तुम्हें अपने जैसी प्यारी दो गायें दी है तुमको तो अब उनका अच्छे से ध्यान रखना चाहिए"

इस पर विनीता ने कहा "जी जीजी आपने सही कहा"

इसके बाद विनीता खुशी-खुशी काम करने लगी । 

कुछ दिनों बाद विनीता ने आकर कहा "जीजी सुमित और मैंने सोच रहे हैं कि हम अपनी खुद की मिठाई की दूकान खोलें"

जिकु ने कहा "बिल्कुल खोलो" विनीता उसके पति सुमित ने अगले महीने ही अपनी खुद की मिठाई की दूकान खोल ली जो कुछ ही समय में शहर की मशहूर दूकान बन गई ।

******

सरोज कसवाॅ

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Saroj kaswan - सरोज कसवां | कविताएँ | Sahity Live

Saroj kaswan - सरोज कसवां

Saroj kaswan     सरोज कसवां     कविताएँ     अन्य     2021-09-22 11:03:04         107957        
Saroj kaswan

""बहू का घर में आगमन होते ही !! 
      "" ससुर जी ने सास के कान में कहा 
ध्यान से देख लो सिर्फ चेहरा बदल कर बेटी घर आई है 💐💐



     💐रिश्ता वही सोच नई 💐
        

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Saroj kaswan - सरोज कसवां | शायरी | Sahity Live

Saroj kaswan - सरोज कसवां

Saroj kaswan     सरोज कसवां     शायरी     समाजिक     2021-09-22 11:03:04         107957        
Saroj kaswan

◉‿◉बड़े बुजुर्ग कहते है ##गरीब व्यक्ति की हाय ओर ##दोगले व्यक्ति की राय कभी नहीं लेनी चाहिए◉‿◉

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Saroj kaswan     सरोज कसवां     शायरी     प्यार-महोब्बत     2021-09-22 11:03:04         107957        
Saroj kaswan

 (◠‿◕)खुदा नवाजे तुझे 
                  मुझसे बेहतर लेकिन 
                                    तू मेरे लिए तरसे

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Saroj kaswan - सरोज कसवां | शायरी | Sahity Live

Saroj kaswan - सरोज कसवां

Saroj kaswan     सरोज कसवां     शायरी     दुःखद     2021-09-22 11:03:04         107957        
Saroj kaswan

अक्सर जो लोग अंदर से मर जाते है 
वहीं लोग दूसरों को जीना सिखाता है 
               Saroj kaswan

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Saroj kaswan - सरोज कसवां | महत्वपूर्ण सूचनाएँ | Sahity Live

Saroj kaswan - सरोज कसवां

Saroj kaswan     सरोज कसवां     महत्वपूर्ण सूचनाएँ     समाजिक     2021-09-22 11:03:04         107957        
Saroj kaswan

        रोटी कमाना बड़ी बात नहीं है 
        रोटी परिवार के साथ खाना 
                 ✨  बड़ी बात है ✨

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Saroj kaswan

        रोटी कमाना बड़ी बात नहीं है 
        रोटी परिवार के साथ खाना 
                 ✨  बड़ी बात है ✨

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        रोटी कमाना बड़ी बात नहीं है 
        रोटी परिवार के साथ खाना 
                 ✨  बड़ी बात है ✨

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