उम्मीद मत रखिए - Trishika Srivastava

उम्मीद मत रखिए     Trishika Srivastava     शायरी     समाजिक     2022-10-06 05:35:25     उम्मीद मत रखिए, Sad Shayri, Hindi Sad Shayri     126799        5.0/5 (1)    

उम्मीद मत रखिए

उम्मीद मत रखिए किसी से दिलनवाज़ी की, 
खिदमत अब करते हैं लोग बस दिखावे की।
बड़े अदब से पेश आते हैं  दौलत वालों से, 
इज़्ज़त नहीं करते अब लोग उम्रदराज़ो
की।

— त्रिशिका श्रीवास्तव ‘धरा’
कानपुर (उत्तर प्रदेश)

Related Articles

वो पहली मुलाकात
सोना खटीक
वो भी क्या ही दिन था, जब हम मिले थे... 😍मेरा जन्मदिन था उस दिन, जब हम मिले थे.🤗 दिन का समय दिया था आपने तब जब हम मिले थे...
18016
Date:
06-10-2022
Time:
05:29
याद आया
Poonam Mishra
याद आया हम तुमसे , बहुत पहले मिले ,जिंदगी बन गए थे , बहुत पहले तेरे तोड़ ना देना मेरे प्रेम का, वह पुराना दिया, जिसमे
64152
Date:
06-10-2022
Time:
05:16
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
Iqrar Ali (आई क्यों)
नफरत ठूंस कर जन्नत हासिल करने वाले लोग जहन्नुम का जाम पी रहे है,हलाकि जन्नत बनाने वाले ने बता दिया जन्नत सिर्फ मोह
254517
Date:
06-10-2022
Time:
05:39
Please login your account to post comment here!
Ashish Ghorela     rated 5     on 2021-08-23 19:02:41
 nice