Saroj kaswan - सरोज कसवां

Saroj kaswan     सरोज कसवां     शायरी     दुःखद     2022-10-06 05:02:54         45982        3.0/5 (1)    

Saroj kaswan

अक्सर जो लोग अंदर से मर जाते है 
वहीं लोग दूसरों को जीना सिखाता है 
               Saroj kaswan

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 Bahut khub