यादें - सरोज कसवां

यादें     सरोज कसवां     कविताएँ     प्यार-महोब्बत     2022-05-25 00:04:24         9314           

यादें

             ""यादों को भुलाने में 
कुछ देर तो लगती है
             आंखो को सुलाने में 
कुछ देर तो लगती है 



             किसी शख्स को भुला देना 
इतना तो आसान नहीं होता
            दिल को समझने में 
कुछ देर तो लगती है ""

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