सपने - Chetna

सपने     Chetna     कविताएँ     अन्य     2021-09-22 09:52:33         4112        
सपने

कुछ सपने अभी बाकी हैं
 इंतजार उस राह की है 
जब मिल जाएगा खुला आसमान 
आखिरी उड़ान अभी बाकी है 
चलना है थकना है गिरना फिर संभलना है सब कुछ कर गुजरे हैं नहीं इम्तहान बाकी है गैरों को अपनाया अपनों पर प्यार लुटाया है हद बेहद कुछ ना सोचा
 पर कुछ कर दिखाना 
अभी बाकी है।

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