परिस्थितियाँ अभी अनुकूल नहीं - SANTOSH KUMAR BARGORIA

परिस्थितियाँ अभी अनुकूल नहीं     SANTOSH KUMAR BARGORIA     कविताएँ     दुःखद     2022-07-03 20:43:38     इस कविता के माध्यम से कवि लोगों के समक्ष यह संदेश देना चाहते हैं की जब परिस्थितियाँ अनुकूल ना हो तो चुप रहने में ही भलाई क्योंकि सत्य तो हमेशा सत्य ही होता है जो एक ना एक दिन लोगों के समक्ष आयेगा ही तब तक अपने जुबां को खामोश रखने में ही भलाई है ।     648           

परिस्थितियाँ अभी अनुकूल नहीं

परिस्थितियॉ अभी अनुकूल नहीं, 
खामोश लबों को रहने दो ।
वो जो उड़ रहे सिध आसमॉ के, 
अभी उन्हें खुले आसमान में उड़ने दो ।।

सत्य तो आख़िर सत्य होता है, 
एक ना एकदिन सामने आयेगा ही ।
तबतक रख दिल में धैर्य जरा, 
इन्तजार हमें तुम करने दो ।।

छट जायेंगे दुःख के ये बादल, 
कट जायेंगे दुख के ये क्षण भी ।
तबतक इन जज़्बातों को, 
दिल में दबाये हमें रखने दो ।।

अभी सितारे गर्दिश में है, 
वो जो कह रहे उन्हें तुम कहने दो ।
परिस्थितियॉ अभी अनुकूल नहीं, 
खामोश लबों को रहने दो ।।

छट जायेंगे दुःख के ये बादल भी, 
अभी खामोश लबों को रहने दो ।।

      🙏 धन्यवाद 🙏

                                                              संतोष कुमार
बरगोरिया 
                                                             -------------------------------
                                                              (साधारण
जनमानस) 

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