' मां की ममता ' - सरोज कसवां

' मां की ममता '     सरोज कसवां     कविताएँ     दुःखद     2022-05-24 23:45:49         22726           

' मां की ममता '

 🙏वो मजबुर थी दो रोटी चोरी करने के लिए
बच्चो को क्या पता था मां ने पैर खो दिया 
उनका पेट भरने के लिए 🙏

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