मां - Mk rana

मां     Mk rana     कविताएँ     अन्य     2021-09-22 10:48:20         32207        
मां

यह शक्ति है मां की इसे कौन मिटाएगा?
यह सीख है उन बच्चों के लिए जो मां का कदर नहीं करना जानते
जो कहता है क्या कर दी हो मेरे लिए
यह तो छोटी अनुयान है ऐसी कई कार्य है मां की जिसकी कोई गिनती नहीं
ये ममता है मां की इसलिए वरना इतना दर्द कौन तुम्हारे लिए उठाएगा?

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Mere dil mai tum birjman ho
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Mere dil mai birjman ho tum maiya, har ek sansh ke tare mai tum ho maiya , mere dil ke kone mai basi ho tum Maiya.


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माँ - Vipin Bansal | कविताएँ | Sahity Live

माँ - Vipin Bansal

माँ     Vipin Bansal     कविताएँ     अन्य     2021-09-22 10:48:20     #माँ     32207        
माँ

माँ की ममता है अनमोल !
इसका न है कोंई मोल !!
प्यार को तेरे जान न पाया !
खोकर तुझको फिर पछताया !!
सांसो की देकर डोर !
लिया न हमसे कोई मोल !! 

माँ की ममता है अनमोल !
इसका न है कोंई मोल !!

बिस्तर तेरा गिला घाला !
नींदो का भी न दिया हवाला !!
मुँह का देकर अपने निवाला !
माँ ने हमको ऐसे पाला !!

माँ की ममता है अनमोल !
इसका न है कोंई मोल !!

हम थे मोती माँ थी धागा !
एक सूत्र में हमको बांधा !!
लड़ते झगड़ते फिर से मिलते !
रिस्तो की माँ पक्की डोर !!

माँ की ममता है अनमोल !
इसका न है कोंई मोल !!

चाहे ले लो स्वर्ग का वैभव !
चाहे ले लो जग का राज !!
माँ हैं बिल्कुल बैकुण्ठ जैसी !
नहीं मिलेगी ऐसी गोद !!

माँ की ममता है अनमोल !
इसका न है कोंई मोल !!

उंगली पकड़कर चलना सिखाया !
सर पर रही तेरे आँचल की छांया !!
उंगली तेरी छोड़ न पाया !
तू ही सिरा है, तू ही छोर !!

माँ की ममता है अनमोल !
इसका न है कोंई मोल !!

प्यार में सबके स्वार्थ का मिश्रण !
कैसे करू मैं उसका चित्रण !!
अपना-अपना सबका मोल !
हर चेहरे पर नया है खोल !!

माँ की ममता है अनमोल !
इसका न है कोंई मोल !!

जितने चाहे प्याऊ लगाओ !
भंडारे तुम करते जाओ !!
जितने चाहे तीर्थ कर लो !
माँ में है तीनो लोक !!

माँ की ममता है अनमोल !
इसका न है कोंई मोल !!

    विपिन बंसल

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मां - Shubhashini singh | कविताएँ | Sahity Live

मां - Shubhashini singh

मां     Shubhashini singh     कविताएँ     अन्य     2021-09-22 10:48:20     Google     32207        
मां

       माँ
  जो घर की नीव हैं, वो हैं माँ
  जो घर की नीव हैं, वो हैं माँ
  जो दुसरो की खुशी के लिए अपनी खुशी
  कुरबान करती है ,वो हैं माँ
  खुद की जिन्दगी दूसरो के ऊपर नेवछावर
  करती हैं, वो हैं माँ
  जो अपनी हर इच्छा को अपने 
   परिवार के लिए
  समेट लेती हैं, वो हैं माँ
  जो दुसरो की खुशी के लिए अपने गम 
  भूला दे ,वो हैं माँ
  जो हमें दुनिया दिखती हैं ,वो हैं माँ
 और क्या क्या लिखूं आपके बारे में,
 जितना भी लिखु कम हैं माँ
आपके जैसा इस दुनियां में कोई नहीं हैं माँ.....
       
                                 सुभाषिनी सिंह
             
       
  

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मां - Shubhashini singh | कविताएँ | Sahity Live

मां - Shubhashini singh

मां     Shubhashini singh     कविताएँ     अन्य     2021-09-22 10:48:20     Google     32207        
मां

       माँ
  जो घर की नीव हैं, वो हैं माँ
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  जो दुसरो की खुशी के लिए अपनी खुशी
  कुरबान करती है ,वो हैं माँ
  खुद की जिन्दगी दूसरो के ऊपर नेवछावर
  करती हैं, वो हैं माँ
  जो अपनी हर इच्छा को अपने 
   परिवार के लिए
  समेट लेती हैं, वो हैं माँ
  जो दुसरो की खुशी के लिए अपने गम 
  भूला दे ,वो हैं माँ
  जो हमें दुनिया दिखती हैं ,वो हैं माँ
 और क्या क्या लिखूं आपके बारे में,
 जितना भी लिखु कम हैं माँ
आपके जैसा इस दुनियां में कोई नहीं हैं माँ.....
       
                                 सुभाषिनी सिंह
             
       
  

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माँ - Alfaaz Hassan | कविताएँ | Sahity Live

माँ - Alfaaz Hassan

माँ     Alfaaz Hassan     कविताएँ     समाजिक     2021-09-22 10:48:20         32207        
माँ

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अब बोझ बनी है क्यो तुम पर रखकर मौत सिरहाने जिसने दुनिया तुझे दिखाई है 
जिसने माँ को ठुकरा या उसने जन्नत भी ठुकराई है 

जो सोई चाहे फुटपाथ पे खुद बिस्तर पर तुझे सुलाया 
खुब मालिशे कर कर के जिसने तुझको नहलाया है 
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जिसने माँ को ठुकरा या उसने जन्नत भी ठुकराई है। 
ये वक़्त ने जब दोहराया है माँ तेरी जगह और तू माँ की जगह जब आया है लाचार हुई उस माँ के लिए तुने अच्छा फर्ज निभाया है खाने को ठोकरे दर दर की 
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जिसने माँ को ठुकरा या उसने जन्नत भी ठुकराई है। 



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माँ - फूल गुफरान | शायरी | Sahity Live

माँ - फूल गुफरान

माँ     फूल गुफरान     शायरी     प्यार-महोब्बत     2021-09-22 10:48:20         32207        
माँ

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मां - RAJNI CHOUDHARY | कविताएँ | Sahity Live

मां - RAJNI CHOUDHARY

मां     RAJNI CHOUDHARY     कविताएँ     प्यार-महोब्बत     2021-09-22 10:48:20     मां का वात्सल्य प्रेम     32207        
मां

              मां             
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मां - Chetna | कविताएँ | Sahity Live

मां - Chetna

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