कविता, - वन महोत्सव - राणा प्रताप कुमार

कविता, - वन महोत्सव     राणा प्रताप कुमार     कविताएँ     समाजिक     2021-09-22 10:28:18         4262        
कविता, - वन महोत्सव

वन हमारे अमुल्य सम्पदा। 
जडी़ वुटि औषधि से भरा पड़ा। 
देश का है प्राकृतिक शोभा। 
हरा भरा ये बसुंधरा। 
वन से जीवन का निर्माण। 
पशु पक्षी का आश्रय स्थान। 
प्राणीयो को आक्सीजन दिलाये। 
भुमि कटाव से ये बचाये।
वन जलवायु को सम बनाये। 
भुमि एंव खेतो वर्षा कराये। 
एक वृक्ष काटे तो दस लगाये। 
शुभ कार्य में पहले पेड़ लगाये।
आओ भाग ले वन महोत्सव में। 
पेडं लगाना हमारा उचित कर्तव्य। 
हम सब मिल कर कसम खाये। 
वन सम्पदा को नष्ट होने से बचाये। 

लेखक - राणा प्रताप कुमार 
आजमगढ़  उत्तर प्रदेश। 
मो0 न0- 7347379048

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