कास नींद ओ आती - Mk rana

कास नींद ओ आती     Mk rana     कविताएँ     बाल-साहित्य     2021-09-26 15:32:42         9221        
कास नींद ओ आती

              कास नींद ओ आती
मां मां ओ मां आपके कंधों पे सोने वाली 
              कास नींद ओ आती
कंधा से उठाकर जब तू खाट पर सुलाती थी
              कास नींद ओ आती 
ना मन को खाट भाता था ना कोई पालकी
              कास नींद ओ आती
सरसो तेल लगाने को मुझे थप्पड़ लगती थी
              कास नींद ओ आती
मैं रो रो कर उठ जाता था कहती थी हो गया
              कास नींद ओ आती
आज बड़ा जब हो गया थक हार के सो गया
              कास नींद ओ आती
 जो आपके कंधों पे आती थी मां मां ओ मां

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