'हमारी मात्रभाषाहिन्दी' - janak nandni

'हमारी मात्रभाषाहिन्दी'     janak nandni     कविताएँ     देश-प्रेम     2021-09-22 10:26:44         4560        
'हमारी मात्रभाषाहिन्दी'

वर्ण वर्ण मिलकर वर्णमाला की
शब्द वाक्य परिभाषा है
मत भुलो हिन्दी हमारी
मात्रभुमि की भाषा है
 हिन्दी की ये बोल चाल
बने विश्व की नयी मिसाल
चंचल मृदुल झलक दिखाये
करूप्ण भाव जिग्याशा है
मत् भुलो...................
शब्द सिखते मेल मिलाते
रट लगाकर वाक्य बनाते
हिन्दी भाषा छवि ध्यान में
रखने की अभिलाषा है
मत भुलो .................
हिन्दी के शब्द ध्वनि में
नयी उमंग दर्शाती है
नये वाक्य निर्माण कर
नया निबंध बनाती है
हर लब्जो से टूटकर
निकले जैसे कुछ प्यासा है
मत भुलो......................

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