प्यार का दर्द - सूर्यवंशी प्रदीप मौर्य

प्यार का दर्द     सूर्यवंशी प्रदीप मौर्य     शायरी     दुःखद     2021-09-22 09:55:55         7232        
प्यार का दर्द

खुदरत का दिया  हुआ मेरे पास सब कुछ है,
बस तु ही नहीं है हमनें इतना ही दुःख है

Related Articles

जो‌ भी करो मन से करो सामना उसका हल से करो...!
जो‌ भी करो मन से करो सामना उसका हल से करो...!

जो‌ भी करो मन से करो सामना उसका हल से करो...! जितनी मुश्किल राहों में तुम कोशिश पूरी बल से करो...! ढलना है हर आकार म

भारत मां की शान हो तुम - नमन कुमार कवि
भारत मां की शान हो तुम - नमन कुमार कवि

ए सरहद पर मरने वालों भारत मां की शान हो तुम; लहू की एक-एक बूंद पर तुमने लिखा वतन का नाम! जिसने सीमा पर आंख उठाई किया ह

मां बाप से बढ़कर कोई नहीं
मां बाप से बढ़कर कोई नहीं

मां बाप से बढ़कर कोई नहीं, बिखरा घर बिखरी जिंदगी मां बाप के बिना,हर ख्वाहिश अधूरी रह जाती हैं मां बाप के बिना।


Please login your account to post comment here!

© 2021 | All rights reserved by Sahity Live® | Powered by DishaLive Group