भगवान कहाँ है ? - Aniket

भगवान कहाँ है ?     Aniket     कहानियाँ     हास्य-व्यंग     2022-08-14 10:38:40     लेखिका : वीना शर्मा By : आदर्श शिक्षा इंस्टीट्यूट     4415           

भगवान कहाँ है ?

एक गांव में दो भाई रहते थे, दोनों बहुत
ही शरारती थे। गांव में जितनी भी
उटपटांग हरकते होती थी, सब मे उन दोनो का
ही हाथ होता था। उन दोनों की माँ उनसे
बहुत ज्यादा परेशान थी।

उनकी शिकायत सुनते सुनते उसके कान पक
चूके थे।

  अब एक बार उस गांव में एक साधु आए। वह
बहुत पहुंचे हुए साधु थे और उनके पास
सारी समस्याओं का हल था। जब वे उस गांव
में आए तो उस महिला ने भी सोचा,

कि क्या पता मेरे टेढ़े बच्चों को ये ही
सीधा कर दें।

 महिला बाबा के पास गई , उन्हें प्रणाम
किया और उनको सारी बात बताई। बाबा ने
कहा, बेटा तुम परेशान मत हो। कल तुम
दोनों बालको को मेरे पास भेज देना।

   दूसरे दिन बच्चों की मां ने बहला
फुसलाकर दोनो भाइयों को बाबा के पास भेज
दिया। एक बच्चा बाहर यह कहकर रुक गया कि
भाई तू अंदर जा कोई घबराने की बात होगी
तो न मैं तुझे बचा लूंगा।

वह छिपकर बाहर से अंदर देखने लगा।

  दूसरा बच्चा अंदर गया, उसे बाबा ने अपने
पास बुलाकर पूछा, ” बेटा तुम्हें पता
है कि भगवान कहाँ है?”

बच्चा कुछ नहीं बोला। और अपना मुंह खुला
कर के बाबा को घूरने लगा। फिर दुबारा से
बाबा ने अपने प्रश्न को दोहराया। दो तीन
बार बाबा को अपने प्रश्न का उत्तर न
मिलने पर उन्हें थोड़ा क्रोध आ गया और वे
बोले,

” मैं तुमसे इतनी देर से कुछ पूछ रहा हू
बता क्यो नहीं रहे हो?”

तब बच्चा अचानक से चेतना में आया और बड़ी
तेजी से वहां से भाग गया औऱ घर जाकर
दरवाजे के पीछे छिप गया। उसका भाई भी
उसके पीछे पीछे आया और उसे ढूंढकर उससे
पूछा,

 क्या हुआ भाई! बाबा ने तुझे मारा
क्या?”

तब बच्चा बोला, ” भाई कोई भगवान है, वह
गुम गया है। ये लोग उसका इल्जाम भी
हमारे ऊपर ही लगा रहे हैं।”

उसकी बात सुनकर उसका भाई बेहोश हो गया।

सीख | Hasya Kahaniyan : ” कभी कभी बातों का अर्थ,
सुनने वाले के लिए कुछ और ही हो जाता है।
अपनी बातों को विस्तार से कहनी
चाहिए।”




लेखिका : वीना शर्मा By : आदर्श शिक्षा
इंस्टीट्यूट

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