भक्ति गीत - Ratan kirtaniya

भक्ति गीत     Ratan kirtaniya     गीत     धार्मिक     2021-09-22 11:44:30     माँ सरस्वती की वँदना है जो ज्ञान की लिए और सत् राह मे चलने के लिए माँ की चरणों मे वन्दना करता है     25710        
भक्ति गीत

 समपिर्त ए जीवन हमारा
तुम्हारें चरणों मे हैं बन्दगी हमारा                  
क्षमा  करके मेरे  हर भूल
चरणों मे खिलने दो हमें बनके फूल
आया द्वार पे तुम्हारें
प्यासा हूँ मैं अज्ञानी
जला दो ज्योति
पीला दो एक बूँद ज्ञान की पानी
समपिर्त ए जीवन हमारा 
तुम्हारें चरणों मे हैं बन्दगी हमारा
सुबह -शाम कँरू आरती
मूर्ख हूँ बन जाओ ना
इस जीवन की सारथी
झल कपट बेइमानी से बचकर
सत् पुण्य की राह मे चलूँ
इतनी सी है. अभिलाषा
चरणों मे तुम्हारें, फूल बनके खिलूँ
समपिर्त ए जीवन हमारा
तुम्हारें चरणों मे हैं बन्दगी हमारा
बच्चा हूँ अँधकार से लगता है डर
मुझ पे करो उपकार
मिटा दो अँधेरा 
ज्ञान की दीप जलाकर
जल बनके जल मे मिल जाऊँ
काँटों मे फूल बनके खिल जाऊँ
डगमगाए ना कदम 
इसलिए हवाले करता हूँ तुम्हें
ए जीवन हमारा
समपिर्त ए जीवन हमारा
तुम्हारें चरणों मे हैं बन्दगी हमारा
इतनी सी है अभिलाषा
जन्म-जन्म से हूँ प्यासा
एक बूँद ज्ञान जो मिले तुम्हारा
बुझ जाएगा प्यास हमारा
पास मुझे तू बुलाकर
उर मे दीप जलाकर
फैले ज्ञान की ज्योति 
अँधेरा भाग जाए डरकर
समपिर्त ए  जीवन हमारा
तुम्हारें चरणों मे हैं बन्दगी हमार

  

Related Articles

मेरा प्यार - जो बीता है ना वह बात गया
मेरा प्यार - जो बीता है ना वह बात गया

जो बीता है ना वह बात गया , समझो तुम जो शुरू किए थे संग उसके शुरूआत गया, यार वह प्यारी, उसकी बातें सारी ,कितनी याद दिलात

वो हमें भूल गए
वो हमें भूल गए

वो हमें भूल गए, हम आज भी उनसे प्यार करते हैं, उन्होंने तो बहुत बड़ा जख्म दिया, फिर भी हम उनकी सलामती की दुआ करते हैं।

दोस्ती - नमन कुमार
दोस्ती - नमन कुमार

दोस्ती करो तो धोखा मत देना दोस्तों को आंसुओ का तोहफ़ा मत देना दिल से रोए कोई तुम्हे याद करके ऐसा किसी को मौका मत दे


Please login your account to post comment here!

© 2021 | All rights reserved by Sahity Live® | Powered by DishaLive Group

भक्ति गीत - Ratan kirtaniya | गीत | Sahity Live

भक्ति गीत - Ratan kirtaniya

भक्ति गीत     Ratan kirtaniya     गीत     धार्मिक     2021-09-22 11:44:30     माँ सरस्वती की वँदना है जो ज्ञान की लिए और सत् राह मे चलने के लिए माँ की चरणों मे वन्दना करता है     25710        
भक्ति गीत

 समपिर्त ए जीवन हमारा
तुम्हारें चरणों मे हैं बन्दगी हमारा                  
क्षमा  करके मेरे  हर भूल
चरणों मे खिलने दो हमें बनके फूल
आया द्वार पे तुम्हारें
प्यासा हूँ मैं अज्ञानी
जला दो ज्योति
पीला दो एक बूँद ज्ञान की पानी
समपिर्त ए जीवन हमारा 
तुम्हारें चरणों मे हैं बन्दगी हमारा
सुबह -शाम कँरू आरती
मूर्ख हूँ बन जाओ ना
इस जीवन की सारथी
झल कपट बेइमानी से बचकर
सत् पुण्य की राह मे चलूँ
इतनी सी है. अभिलाषा
चरणों मे तुम्हारें, फूल बनके खिलूँ
समपिर्त ए जीवन हमारा
तुम्हारें चरणों मे हैं बन्दगी हमारा
बच्चा हूँ अँधकार से लगता है डर
मुझ पे करो उपकार
मिटा दो अँधेरा 
ज्ञान की दीप जलाकर
जल बनके जल मे मिल जाऊँ
काँटों मे फूल बनके खिल जाऊँ
डगमगाए ना कदम 
इसलिए हवाले करता हूँ तुम्हें
ए जीवन हमारा
समपिर्त ए जीवन हमारा
तुम्हारें चरणों मे हैं बन्दगी हमारा
इतनी सी है अभिलाषा
जन्म-जन्म से हूँ प्यासा
एक बूँद ज्ञान जो मिले तुम्हारा
बुझ जाएगा प्यास हमारा
पास मुझे तू बुलाकर
उर मे दीप जलाकर
फैले ज्ञान की ज्योति 
अँधेरा भाग जाए डरकर
समपिर्त ए  जीवन हमारा
तुम्हारें चरणों मे हैं बन्दगी हमार

  

Related Articles

इंसाफ - क्यो, भगवान आपका ये भेद भाव होता है
इंसाफ - क्यो, भगवान आपका ये भेद भाव होता है

क्यो, भगवान आपका ये भेद भाव होता है, कहीं कष्ट तो कहीं खुशी का मौसम होता है, लोग कहते हैं, कि तू कण कण में होता है, तो

कलम
कलम

लो फिर उठा दी मैंने कलम लो फिर उठा ली मैंने कलम। जैसे घर के होते काम अनेक नहीं मन करता कि उठाऊं मैं कलम। ‌‌‌‌

कविता, साक्षरता मिशन
कविता, साक्षरता मिशन

सब पढो आगे बढो। शिक्षा का सही उपयोग करो। सदैव शिक्षा का सम्मान करो। शिक्षा से ही मानव महान बने। हर कार्य में सहा


Please login your account to post comment here!

© 2021 | All rights reserved by Sahity Live® | Powered by DishaLive Group