महोब्बत - Santoshi devi

महोब्बत     Santoshi devi     ग़ज़ल     प्यार-महोब्बत     2022-08-14 12:29:55     हकीकत ,जरूरत     34156           

महोब्बत

कल्पनाओं में सफर सभी करते हैं।
लेकिन मायने हकीकत के होते हैं।।

बाजार में हर एक चीज बिकती हैं।
मोल-भाव वहाँ जरूरत के होते हैं।।

हर आदमी में एक सुंदर सा  दिल हैं।
बदले व्यवहार ये फितरत के होते हैं।।

मरने के बाद पूछता कौन किसको हैं।
हर युग में चर्चे बस सोहबत के होते
हैं।।

आदमी आदमी से बैर बाँध लेगा क्या,
खुशी के दीदार तो मोहब्बत के होते
हैं।।

  संतोषी देवी
  शाहपुरा जयपुर राजस्थान।

सोहबत-संगत

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