गांव का प्यार - Amit kumar

गांव का प्यार     Amit kumar     कविताएँ     समाजिक     2022-10-06 05:28:41         65783           

गांव का प्यार

गांव का प्यार
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प्यार मोहब्बत की बाते,
हसी-खुशियों की सौगात है।
अमन, शांति और खेलकूद में,
बिताई हमने दिन-रात है।।

अन्य जाति व धर्म-धर्म के
संग मिलजुल खेल करते थे ।
हर एक साथी दुसरे साथी पर,
जान लुटाया करते थे ।।

साथ मे आना -साथ मे जाना,
मिलजुल एक साथ खाना खाना ।
सबके दुख को हम अपना मने,
किसी को न जाने हम बेगाने ।।

कहा गया वो दिन हमारा ,
खुशियां भरा प्यारा सा गांव।
दिन-दोपहरी में बागों का छांव,
हंसी ठिठोली में छिप जाते थे घाव।।

अब तो सब दूर हो गया,
लालच की  भरमार से।
अपनापन अब नही किसी मे,
स्वार्थ में सब बेकार है।।

जागो युवा बचा लोगों,
प्रेम की चिंगारी जलाओ।
बड़े -छोटे की लाज रखो,
खुशियां रोज मनाओ  ।।


कलम से --
            अमित रंजन
             ग्राम--मड़ही ,ग़ाज़ीपुर(यूपी)

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